मेराल. रूस में काम करने गये मेराल प्रखंड के लेखनिया गांव निवासी रवि चौधरी की मौत होने के पश्चात उसका पार्थिव शरीर शुक्रवार को गांव पहुंचा. शव के घर पहुंचते ही घर में कोहराम मच गयी. रवि की पत्नी सहित पूरे परिवार का इस सदमे से रो-रोकर बुरा हाल है. पूरे गांव में मातम की स्थिति है. विदित हो कि रवि दिल्ली में एक कंपनी में काम करने गांव से गया हुआ था. वहां से वह स्टील फिक्सर के रूप में कंपनी के माध्यम से रूस चला गया था, जहां उसकी तबीयत बिगड़ गयी और मौत हो गयी. मौत की सूचना के पश्चात मृतक के पिता सच्चिदानंद चौधरी ने झारखंड सरकार श्रम विभाग द्वारा संचालित राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष में रवि के पार्थिव शरीर को घर मंगवाने के लिए गुहार लगायी थी. वहां से त्वरित कारवाई की गयी. दूतावास से आवश्यक दस्तावेज पूरी करने के बाद शव को विमान से पहले मास्को, फिर दिल्ली भेजा गया. जहां से 21 मार्च को करीब आठ बजे सुबह में शव घर पहुंचाया गया. शव के गांव पहुंचने पर मेराल अंचलाधिकारी जसवंत नायक, मुखिया प्रतिनिधि राजेंद्र चौधरी, शिवकुमार चौधरी सहित आसपास के काफी संख्या में स्थानीय ग्रामीण पहुंचे. शव का अंतिम संस्कार सरस्वतिया नदी तट पर किया गया.
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