गढ़वा से घनश्याम सोनी की रिपोर्ट
गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले के बड़गड़ थाना क्षेत्र के सालो जंगल स्थित ललमटिया मोड़ के समीप रविवार को दिनदहाड़े हुई सरकारी शिक्षक दीपक कुजूर की सनसनीखेज हत्या के मामले में 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस अब तक खाली हाथ ही नजर आ रही है. हालांकि, थाना प्रभारी दीपक कुमार मौर्य के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीम मामले की हर पहलू से गहन जांच कर रही है और अपराधियों के संभावित ठिकाने पर लगातार सघन छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है. पुलिस का दावा है कि घटना में शामिल अपराधियों की पहचान और उनकी धरपकड़ के लिए तकनीकी एवं मानवीय साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
10 दिन पहले ही पिता बने थे दीपक कुजूर
जानकारी के अनुसार मृतक दीपक कुजूर (35 वर्ष) सिमडेगा जिले के पाकरटांड़ प्रखंड के नानेसेरा-मंगरकुड़ा गांव के निवासी थे और वे एक सरकारी शिक्षक के पद पर कार्यरत थे, उनकी शादी 28 दिसंबर 2025 को रामकंडा थाना क्षेत्र के बरवा गांव निवासी लालमोहन केरकेट्टा की पुत्री मुक्ति केरकेट्टा से हुई थी, अभी महज 10 दिन पूर्व ही उनके घर नन्हे बच्चे का जन्म हुआ था, जिससे पूरे परिवार में खुशी का माहौल था, वे छठी कार्यक्रम में शामिल होने सिमडेगा गई अपनी सास अनसतसीया कुजूर को उनके मायके बरवा गांव छोड़ने के बाद बाइक से रविवार को वापस लौट रहे थे, इसी दौरान सालो जंगल के ललमटिया मोड़ के पास भंडरिया-बड़गड़ मुख्य पथ पर घात लगाए बैठे 2 अज्ञात हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाकर अंधाधुंध गोली मार दी, जिससे घटनास्थल पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई,
किसी के खिलाफ नामजद प्राथमिकी नहीं
थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. अब तक किसी के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज नहीं करायी गयी है. परिजनों के अनुसार दीपक की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी. पुलिस ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1), 61(2), 238 तथा आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है.
