इस पूरे सप्ताह धूप-छांव, 21 को मध्यम बारिश

इस पूरे सप्ताह धूप-छांव, 21 को मध्यम बारिश

गढ़वा. मौसम पूर्वानुमान के अनुसार यह सप्ताह धूप- छांव वाला रहेगा. कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान कृषि वैज्ञानिक डॉ अशोक कुमार ने बताया कि इस सप्ताह दिन में गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है. दिन का अधिकतम तापक्रम 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. वहीं रात का तापक्रम 17 से 20 डिग्री के बीच रहने की संभावना है. इस दौरान कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की वर्षा हो सकती है. वहीं 21 तारीख को मध्यम वर्षा का पूर्वानुमान बताया जा रहा है. श्री कुमार ने किसानों को सलाह दी है कि इस सप्ताह रबी फसलों की कटाई न करें एवं खलिहान में कटाई के बाद जो भी फसल है, उसे झाड़ कर जल्द से जल्द घर के अंदर ले आवें. उन्होंने कहा है कि रबी फसलों के कटाई के बाद खाली खेतों में वर्षा के बाद जल्द से जल्द खेत की गहरी जुताई कर खेत खोल दें. इससे खेत में नीचे कड़ी परत टूटती है और खरीफ में होने वाली वर्षा का अधिकतर जल खेत में अंदर जा पाता है. इससे भूगर्भ जल में वृद्धि होती है. साथ ही साथ गर्मी से मिट्टी का शोधन हो जाता है. इससे खरपतवार एवं कीट बीमारी के जीवाणु समाप्त हो जाते हैं. मिट्टी जांच के लिए सही समय : कृषि वैज्ञानिक ने कहा कि यही सही समय है मिट्टी जांच का. इसके लिए खाली खेतों में अलग-अलग खेतों का अलग-अलग नमूना लिया जाता है. एक खेत से अलग-अलग चार जगह पर घास व कचरा साफ कर लें और लगभग 6 -7 इंच गहरा अंग्रेजी के वी (v) आकार का गढ्ढा बनायें. प्रत्येक गड्ढे से लगभग एक किग्रा मिट्टी इकट्ठा कर लें और उसे किसी साफ जगह पर रखकर एक साथ अच्छी तरह मिला लें. अब इसमें से लगभग एक किलोग्राम मिट्टी किसी साफ पॉलीथिन में भरकर उसमें अपना पता और खेत का पहचान लिखकर कृषि विभाग या कृषि विज्ञान केंद्र में जांच के लिए जमा कर दें. जीपीएस लोकेशन भी लें : डॉ कुमार ने कहा कि खेत में नमूना लेते समय जीपीएस लोकेशन भी ले लें और इसे पर्ची पर अंकित कर दें. उन्होंने कहा कि यह कार्य किसान कृषि विभाग के कृषक मित्र या एटीएम या बीटीएम के सहयोग से भी कर सकते हैं. मिट्टी के नमूनों की जांच होने के बाद किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड मुहैया कराया जाता है. इसमें आपके खेत में वर्तमान सभी पोषक तत्वों की उपलब्ध मात्रा लिखी रहती है. किसान इसी आधार पर यदि अलग-अलग फसलों में उर्वरक का व्यवहार करेंगे, तो उनके पैसे भी बचेंगे और उपज भी अच्छी मिलेगी. साथ ही साथ मिट्टी का स्वास्थ्य भी बना रहेगा. उन्होंने कहा कि यह कार्य निशुल्क होता है. आलू की कोड़ाई कर लें, अन्यथा हरा हो जायेगा : कृषि वैज्ञानिक ने कहा कि देर से बोयी गयी आलू की फसल अब तैयार हो चुकी है. उसकी जल्द से जल्द कोड़ाई कर लें. यदि तैयार होने के बाद भी इसकी खुदाई नहीं की जाती है, तो मिट्टी क्रेक होने के बाद अंदर धूप की गर्मी से आलू का रंग हरा होने लगता है और खाने योग्य नहीं रह जाता है. उन्होंने कहा कि आलू की खुदाई के दो सप्ताह पहले से सिंचाई बंद करने से आलू भंडार में लंबे समय तक रह पाता है. आलू भंडारण के लिए हवादार घर में बांस की फट्ठी या रैक बनाकर बढ़िया से पसार कर रखना चाहिए.

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By Sanjay

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