नशा छोड़ने के लिए मजबूत संकल्प सबसे बड़ा हथियार : डीआईजी

नशा छोड़ने के लिए मजबूत संकल्प सबसे बड़ा हथियार : डीआईजी

प्रतिनिधि, गढ़वा

बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय के गुरुपदसंभव सभागार में विश्वविद्यालय और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, रांची इकाई के संयुक्त तत्वावधान में ड्राइव अगेंस्ट ड्रग्स विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. मुख्य अतिथि डीआईजी नौशाद आलम ने कहा कि नशा छोड़ने के लिए मजबूत संकल्प सबसे बड़ा हथियार है. सरकार नशे की बढ़ती समस्या को लेकर गंभीर है और स्वास्थ्य, शिक्षा व सुरक्षा तीनों मोर्चों पर प्रयास कर रही है. उन्होंने बताया कि गांजा, अफीम, हेरोइन, कोकीन जैसे नशे का सेवन करने पर 10 से 20 साल की कैद और एक से दो लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है. एनसीबी रांची इकाई के अधीक्षक एस शारिक उमर ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय नशा हेल्पलाइन नंबर 1933 पर बिना नाम बताये नशे की तस्करी व अवैध बिक्री की सूचना दी जा सकती है. इस अवसर पर कुलाधिपति दिनेश सिंह ने युवाओं से नशे से दूर रहने और जागरूकता फैलाने की अपील की. एसपी अमन कुमार ने कहा कि ड्रग्स की लत से बाहर निकलने के लिए धैर्य और सामाजिक सहयोग जरूरी है. उन्होंने 112 टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर की जानकारी दी. ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड रेहला इकाई प्रमुख हितेंद्र केशव अवस्थी ने बताया कि कंपनी सीएसआर फंड से समय-समय पर हेल्थ अवेयरनेस कार्यक्रम चलाकर समाज को जागरूक कर रही है. कार्यक्रम का संचालन नर्सिंग विभाग की सहायक प्रो निलोफर प्रवीण ने किया और धन्यवाद ज्ञापन कुलपति प्रो एमके सिंह ने किया. मौके पर अजय भूषण प्रसाद, परीक्षा नियंत्रक डॉ ललन कुमार, सीईओ सुभाष कुमार, प्रशसनिक अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह, राकेश कुमार सिंह आदि मौजूद थे.

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Published by: Akarsh aniket

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