गढ़वा. ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में बुधवार को 13 दिवसीय कृत्रिम आभूषण निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन एलडीएम सत्यदेव रंजन, डीडीएम नाबार्ड डीटी लुगुन और संस्थान के निदेशक डॉ. संजय कुमार ने संयुक्त रूप से किया.इस अवसर पर मुख्य अतिथि एलडीएम सत्यदेव रंजन ने कहा कि सभी लोगों को नौकरी मिलना संभव नहीं है.
इसीको ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2012 से बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से देश के सभी जिलों में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की है. संस्थान की ओर से लोगों को विभिन्न ट्रेडों में नि:शुल्क स्वरोजगार प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि वे कृत्रिम आभूषण निर्माण का प्रशिक्षण पूरी गंभीरता और ध्यान से प्राप्त करें.
वर्तमान समय में सोने के आभूषणों की तुलना में कृत्रिम आभूषणों की मांग भी काफी है. प्रशिक्षण के बाद हुनरमंद बनकर स्वयं का रोजगार शुरू करें और आत्मनिर्भर बनें. डीडीएम नाबार्ड डीटी लुगुन ने कहा कि आभूषण निर्माण के दौरान गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखना जरूरी है.प्रशिक्षणार्थियों को बेहतर प्रशिक्षण दिया जायेगा, जिससे उनके अंदर इस कार्य का हुनर विकसित हो सके और वे प्रशिक्षण के बाद इसे रोजगार के रूप में अपना सकें. संस्थान के निदेशक डॉ. संजय कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया.
