सभी विद्यालयों में खेल प्रतियोगिता 16 जून से

सभी विद्यालयों में खेल प्रतियोगिता 16 जून से

रमना.

खेलो झारखंड प्रतियोगिता को लेकर सोमवार को बीआरसी रमना ने पंचायत भवन मड़वनियां में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया. इसमें खेलो झारखंड, जवाहरलाल नेहरू, हाॅकी टूर्नामेंट एवं 64वीं सुब्रतो कप फुटबॉल टूर्नामेंट के आयोजन पर चर्चा की गयी. कार्यशाला में प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी सुनीता कुजूर ने कहा कि सभी विद्यालय खेल के सफल आयोजन के लिए नोडल शिक्षक का चयन एवं विद्यालय स्तरीय खेल समिति का गठन कर लें. उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिता 16 जून से शुरू हो जाएगा. बच्चों को खेल प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए अभी से ही तैयारी शुरू कर दें. उन्होंने खेल प्रतियोगिता से संबंधित जानकारी देते हुए बताया कि 64 वीं सुब्रतो कप फुटबॉल टूर्नामेंट प्रखंड स्तरीय 16 से 19 जून, जिला स्तरीय 24 से 28 जून, प्रमंडल स्तरीय 7 से 11 जुलाई, राज्य स्तरीय 16 से 20 जुलाई एवं राष्ट्रीय स्तर पर 18 से 25 अगस्त तक आयोजित होगी. वहीं खेलो झारखंड प्रतियोगिता विद्यालय स्तरीय एक से 7 जुलाई, प्रखंड स्तरीय 14 से 20 जुलाई, जिला स्तरीय 29 जुलाई से 25 अगस्त एवं राज्य स्तरीय एक से 15 सितंबर तक आयोजित होगी. जबकि जवाहरलाल नेहरू हाॅकी टूर्नामेंट जिला स्तरीय 15 से 20 जुलाई, राज्य स्तरीय 20 से 22 जुलाई एवं राष्ट्रीय स्तर पर अक्तूबर में संभावित है. इसके अलावे बैंड प्रतियोगिता जिला स्तर पर 24 जुलाई से 25 अगस्त के बीच आयोजित होगी. उन्होंने खेल प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों के चयन के नियमों की जानकारी भी दी. वहीं सभी शिक्षकों को विभिन्न खेल प्रतियोगिता के लिए बच्चों को विशेष रूप से तैयार करने का निर्देश दिया.

उपस्थित लोग : मौके पर बीआरपी नरेंद्र तिवारी, सीआरपी दुष्यंत मिश्रा, सतीशधर दुबे, मुकेश मिश्रा, कुमार गौरव, लेखापाल अरूण कुमार गुप्ता, प्रधानाध्यापक रामदयाल सिंह, मनोज देव, राकेश पांडेय, सुरेंद्र कुमार गुप्ता, संतोष राम, शारदा कुमारी, मनोज सिंह, दिवाकर सिंह, रंजन सिंह, रामसुंदर सिंह, अपसार अहमद, जितेंद्र शर्मा, अशोक खलको एवं अशोक बैठा सहित सभी विद्यालय के प्रधानाध्यापक उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SANJAY

SANJAY is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

नगर निकाय चुनाव में नहीं चला विधानसभा का गणितगढ़वा नगर परिषद चुनाव में भाजपा, झामुमो, कांग्रेस व राजद को उम्मीद से कम मिले मत- अध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी की जीत ने चौंकाया- पिछले मत प्रतिशत को बरकरार नहीं रख सके बड़े दलपीयूष तिवारी, गढ़वागढ़वा नगर परिषद चुनाव संपन्न होने के बाद प्रत्याशियों को मिले मतों और उनके जीत-हार के समीकरणों की चर्चा शहर के नुक्कड़ों और चौक-चौराहों पर तेज हो गयी है. बिना किसी दल और बड़े नेताओं के समर्थन के दौलत सोनी की अध्यक्ष पद पर जीत ने सभी को चौंका दिया है. इस चुनाव में झामुमो, कांग्रेस, राजद और भाजपा जैसे बड़े दलों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी. लेकिन परिणामों ने इन दलों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. करीब 15 महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में इन दलों को जो मत मिले थे, उन्हें वे अपने समर्थित प्रत्याशियों के माध्यम से बरकरार नहीं रख सके. सबसे खराब स्थिति भाजपा की रही है. विधानसभा चुनाव 2024 में भाजपा शहर के 33 बूथों में से 30 बूथों पर पहले स्थान पर रही थी. शहरी क्षेत्र से पार्टी को 15 हजार से अधिक मत प्राप्त हुए थे. इसके विपरीत नगर निकाय चुनाव में भाजपा के अध्यक्ष पद की प्रत्याशी कंचन जायसवाल को मात्र 2582 मत मिले. यदि भाजपा के बागी प्रत्याशी अलखनाथ पांडेय को मिले 2701 मत भी जोड़ दिये जाएं, तो कुल आंकड़ा लगभग 5300 तक ही पहुंचता है. यह संख्या विधानसभा चुनाव में मिले मतों की तुलना में काफी कम है.पिछले निकाय चुनाव के मत भी नहीं बचा सकी भाजपावर्ष 2018 के नगर निकाय चुनाव में अलखनाथ पांडेय की पत्नी मीरा पांडेय ने भाजपा के टिकट पर उपाध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा था. उन्हें 6899 मत मिले थे. वहीं निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उपाध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने वाले विनोद जायसवाल (2026 में भाजपा समर्थित प्रत्याशी कंचन जायसवाल के पति) को 3810 मत प्राप्त हुए थे. वर्तमान चुनाव में ये दोनों ही परिवार अपने पुराने प्रदर्शन को दोहरा नहीं सके. न तो विधानसभा चुनाव में मिले मतों को बरकरार रख पाये और न ही पिछले निकाय चुनाव के आंकड़े तक पहुंच सके.झामुमो और कांग्रेस का गठजोड़ भी नहीं दिला सका जीतगढ़वा नगर परिषद चुनाव में झामुमो ने संतोष केसरी को अपना समर्थित प्रत्याशी बनाया था. कांग्रेस ने भी उन्हें समर्थन दिया. दो बड़े दलों के समर्थन के बावजूद संतोष केसरी को मात्र 3790 मत प्राप्त हुए. वर्ष 2018 के निकाय चुनाव में महिला आरक्षित सीट होने के कारण संतोष केसरी की पत्नी पिंकी केसरी अध्यक्ष पद की प्रत्याशी थीं. तब उन्हें 6411 मत मिले थे और वे भाजपा प्रत्याशी थीं. उसी चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी कमर सफदर को केवल 420 मत प्राप्त हुए थे. दोनों दलों को उम्मीद थी कि संयुक्त रूप से वे करीब सात हजार मत प्राप्त कर संतोष केसरी को जीत दिला देंगे. लेकिन यह रणनीति सफल नहीं हो सकी.54 मतों से हारने वाली अनिता दत्ता को इस बार केवल 215 मतवर्ष 2018 के नगर परिषद चुनाव में झामुमो की प्रत्याशी अनिता दत्ता को 6357 मत मिले थे. वे मात्र 54 मतों के अंतर से पिंकी केसरी से हार गयी थीं. इस बार अनिता दत्ता को किसी दल का समर्थन नहीं मिला और वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरीं. लेकिन उन्हें केवल 215 मतों से ही संतोष करना पड़ा.राजद भी पिछला प्रदर्शन दोहराने में विफलनगर परिषद चुनाव 2026 में राजद ने विकास माली को समर्थन दिया. विकास माली को 1222 मत प्राप्त हुए. जबकि वर्ष 2018 के चुनाव में राजद समर्थित प्रत्याशी मनिका नारायण को 5117 मत मिले थे. वहीं उपाध्यक्ष पद के लिए राजद प्रत्याशी मो शमीम को 2018 में 3728 मत प्राप्त हुए थे. कुल मिलाकर नगर परिषद चुनाव के नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार मतदाताओं ने दलों की बजाय प्रत्याशियों को प्राथमिकता दी. बड़े दलों की रणनीति और पुराने मत प्रतिशत इस चुनाव में कारगर साबित नहीं हुए.

जमीन विवाद में हुई थी विक्रेता की हत्या, तीन शूटर गिरफ्तार

नाबालिग से दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में एक सप्ताह बाद भी पुलिस के हाथ खाली

फर्जी दस्तावेज पर बनवाये गये प्रमाण पत्र रद्द

यह भी पढ़ें >