Garhwa: SIR के तहत 30,989 आवेदन, 30 सितंबर तक दावा-आपत्ति का मौका

गढ़वा जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत दावा-आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है. अब मतदाताओं के पास 30 सितंबर तक का समय है. अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर को प्रकाशित होगी.

गढ़वा. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत गढ़वा जिले में दावा-आपत्ति दर्ज कराने का सिलसिला जारी है. अब मतदाताओं को दावा-आपत्ति दर्ज कराने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया गया है. प्राप्त दावे-आपत्तियों का निबटारा 14 अक्तूबर तक किया जायेगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 19 अक्तूबर को होगा.

15 सितंबर तक मिले 30,989 आवेदन

आंकड़ों के मुताबिक, जिले के गढ़वा और भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र में 15 सितंबर तक कुल 30,989 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें फॉर्म-6 के 18,777, फॉर्म-6ए का एक, फॉर्म-7 के 88 तथा फॉर्म-8 के 12,123 आवेदन शामिल हैं.

एक दिन में मिले 3,255 आवेदन

15 सितंबर को दोनों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 3,255 आवेदन प्राप्त हुए. इनमें फॉर्म-6 के 2,068, फॉर्म-7 के 11 और फॉर्म-8 के 1,176 आवेदन शामिल हैं.

गढ़वा विधानसभा क्षेत्र में इस दिन फॉर्म-6 के 1,072, फॉर्म-7 के 11 और फॉर्म-8 के 649 आवेदन मिले. वहीं, भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र में फॉर्म-6 के 996 और फॉर्म-8 के 527 आवेदन प्राप्त हुए.

14 अक्तूबर तक होगा मामलों का निबटारा

एसआईआर के तहत दावा-आपत्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्राप्त मामलों का निबटारा 14 अक्तूबर तक किया जाना है. इसके बाद 19 अक्तूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी. ऐसे में 30 सितंबर तक दावा-आपत्ति दर्ज कराने की समय-सीमा महत्वपूर्ण है.

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लेखक के बारे में

By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

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