यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण एकता मंच ने निकाला आक्रोश मार्च

यूजीसी कानून को वापस लेने की मांग की गयी

यूजीसी कानून को वापस लेने की मांग की गयी प्रतिनिधि, गढ़वा यूजीसी कानून के विरोध में बुधवार को सवर्ण एकता मंच ने शहर में आक्रोश मार्च निकाला. प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर शहर के प्रमुख मार्गों पर नारेबाजी करते हुए कानून को वापस लेने की मांग की. इस दौरान बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग शामिल हुए. आक्रोश मार्च की शुरुआत काली स्थान से हुई. इसके बाद मार्च रंका मोड़ होते हुए मेन रोड से मझिआंव मोड़ तक पहुंचा. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी कानून का विरोध किया. इसके बाद मझिआंव मोड़ से पुनः नारेबाजी करते हुए जुलूस काली स्थान पहुंचा, जहां एक नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया. नुक्कड़ सभा के बाद सवर्ण एकता मंच के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा. इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी कानून शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वाला है और इससे समाज में विभाजन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. उन्होंने इसे छात्र हितों के विरुद्ध बताते हुए कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की. आक्रोश मार्च में अनुज कुमार सिंह उर्फ बबन सिंह, सतीश कुमार दुबे, राजेश चौबे, प्रदीप कुमार चौबे, प्रदीप मिश्रा, अंजनी तिवारी, संजय सिंह, राजेश कुमार दुबे, अजय सिंह,सच्चितानंद सिंह,अरविंद सिंह, छोटे लाल तिवारी, अमरेश तिवारी, पुपुन सिंह, प्रमोद तिवारी, भरदुल सिंह, अजीत कुमार पांडेय, धीरेन्द्र त्रिवेदी, विष्णु तिवारी,संजु सिंह, ओंकार तिवारी, बिपिन बिहारी सिंह, भास्कर तिवारी, चुन्नू सिंह, अविनाश तिवारी, जितेंद्र सिंह, रामकुमार उपाध्याय, देवराज उपाध्याय, प्रिंस दुबे, अखिलेश तिवारी,सुशील सिंह, नरेंद्र तिवारी, अरविंद मिश्रा, श्याम नारायण उपाध्याय, प्रफुल्ल चौबे आदि उपस्थित थे.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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