सात फेरे, सात दिन और फिर खेला खत्म, गढ़वा के रंका में फंदे से झूल गई नई नवेली दुल्हन

Seraikela News: सरायकेला-खरसावां में 10 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने दोषी परेश उरांव को अंतिम सांस तक कारावास की सजा सुनाई. पॉक्सो एक्ट के तहत सुनाए गए फैसले में जुर्माना और अतिरिक्त सश्रम कारावास भी शामिल है. घटना ईचागढ़ थाना क्षेत्र की है, जिसने इलाके को झकझोर दिया था. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

रंका से नंद कुमार की रिपोर्ट

Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले के रंका थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है. शादी के महज सात दिन बाद ही एक नवविवाहिता का शव घर में फंदे से लटका मिला. घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई है, वहीं शादी वाले घर में खुशियों की जगह मातम पसरा हुआ है. मृतका की पहचान पुरेगाड़ा गांव निवासी रविंद्र भुइयां की पत्नी चंपा कुमारी (20 वर्ष) के रूप में हुई है. घटना शुक्रवार दोपहर की बताई जा रही है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है.

सात मई को हुई थी धूमधाम से शादी

जानकारी के अनुसार, पुरेगाड़ा निवासी द्वारिका भुइयां के बेटे रविंद्र भुइयां की शादी 7 मई को मझिगांवा निवासी श्यामलाल राम की बेटी चंपा कुमारी के साथ हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार बड़े धूमधाम से हुई थी. विवाह समारोह में दोनों परिवारों के रिश्तेदार और ग्रामीण शामिल हुए थे. शादी के अगले दिन यानी 8 मई को चंपा अपने ससुराल पहुंची थी. घर में नई बहू के आगमन से खुशियों का माहौल था और शादी की रस्में भी चल रही थीं. लेकिन किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि सात दिन के भीतर ही यह खुशियां गहरे दुख में बदल जाएंगी.

घर में फंदे से लटकता मिला शव

शुक्रवार की दोपहर परिवार के लोगों ने चंपा का शव घर में फंदे से लटकता देखा. घटना की जानकारी मिलते ही घर में चीख-पुकार मच गई. आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए. देखते ही देखते पूरे गांव में घटना की खबर फैल गई. परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना रंका थाना पुलिस को दी. सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी रवि कुमार केसरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अंत्यपरीक्षण के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेज दिया है.

आत्महत्या के कारणों का नहीं हुआ खुलासा

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नवविवाहिता ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया. पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है. घटना के पीछे पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव या अन्य किसी कारण की भी जांच की जा रही है. थाना प्रभारी रवि कुमार केसरी ने बताया कि मृतका के पिता फिलहाल कुछ भी स्पष्ट कहने से बच रहे हैं. उन्होंने कहा कि परिजनों की ओर से आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी.

शादी वाले घर में पसरा मातम

जिस घर में कुछ दिन पहले तक मंगल गीत गूंज रहे थे, वहां अब मातम और चीख-पुकार का माहौल है. शादी की खुशियां अचानक मातम में बदल जाने से परिवार के लोग सदमे में हैं. ग्रामीणों का कहना है कि चंपा बेहद शांत स्वभाव की लड़की थी और शादी के दौरान भी सबकुछ सामान्य दिख रहा था. ऐसे में उसकी मौत ने सभी को हैरान कर दिया है. परिवार के सदस्य इस बात को लेकर स्तब्ध हैं कि आखिर शादी के सात दिन बाद ऐसा क्या हुआ कि नवविवाहिता ने अपनी जिंदगी खत्म करने जैसा कदम उठा लिया.

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हर बिंदु पर जांच में जुटी पुलिस

रंका थाना पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है. पुलिस आसपास के लोगों और परिजनों से पूछताछ कर रही है, ताकि घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सके. फिलहाल पूरे इलाके में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल है. लोग इसे बेहद दुखद और रहस्यमय घटना मान रहे हैं. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और परिजनों के बयान मिलने के बाद ही मामले की सच्चाई स्पष्ट हो पाएगी.

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Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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