गढ़वा: रक्षाबंधन को लेकर जिला मुख्यालय से लेकर सुदूरवर्ती प्रखंडों तक बाजारों में रौनक बढ़ गयी है. भाई-बहन के प्रेम और स्नेह के प्रतीक इस पर्व को लेकर बाजार पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है. शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और बाजारों में राखी की अस्थायी दुकानें सज गयी हैं. दुकानों पर रंग-बिरंगी और आकर्षक डिजाइन वाली राखियां लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं. त्योहार नजदीक आने के साथ खरीदारी के लिए बाजार में भीड़ भी बढ़ने लगी है.
जिला मुख्यालय के रंका मोड़, सहिजना मोड़, पुरानी बाजार, सहिजना, मझिआंव मोड़, चिनिया मोड़ समेत अन्य स्थानों पर राखी की दुकानें लगी हैं. यहां पांच से 500 रुपये तक की राखियां उपलब्ध हैं. साधारण राखियों के अलावा डिजाइनर, मेटल, जरी, म्यूजिकल, लाइटिंग, कार्टून कैरेक्टर और ब्रेसलेट डिजाइन वाली राखियों की भी मांग है.
बहनों के साथ भाई भी कर रहे खरीदारी
रक्षाबंधन को लेकर बाजार में केवल बहनें ही नहीं, बल्कि भाई भी खरीदारी करते नजर आ रहे हैं. बहनें भाइयों की पसंद के अनुसार राखियां खरीद रही हैं. वहीं भाई बहनों को उपहार देने के लिए कपड़े, साड़ी, सूट, चॉकलेट, गिफ्ट पैक और कॉस्मेटिक सामान खरीद रहे हैं. इससे कपड़े और गिफ्ट की दुकानों पर भी ग्राहकों की संख्या बढ़ गयी है.
मिठाई दुकानों पर भी बढ़ी चहल-पहल
रक्षाबंधन को लेकर मिठाई की दुकानों पर भी चहल-पहल बढ़ गयी है. दुकानदारों ने ग्राहकों की मांग को देखते हुए विभिन्न प्रकार की मिठाइयों का स्टॉक तैयार किया है. कई लोग बाजार से मिठाई खरीदने के बजाय घर पर ही मिठाई बना रहे हैं.
जिले में करीब दो करोड़ के कारोबार का अनुमान
रक्षाबंधन को लेकर कारोबारियों में भी उत्साह है. व्यापारियों के अनुसार राखी, मिठाई, कपड़े और उपहार समेत अन्य सामानों की बिक्री को मिलाकर जिले में इस वर्ष करीब दो करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है. त्योहार से एक-दो दिन पहले खरीदारी और बढ़ने की उम्मीद है.
बाजारों में रक्षाबंधन के गीत बजने और दुकानों पर रंगीन सजावट से माहौल पूरी तरह उत्सवी हो गया है. छोटे बच्चों के लिए कार्टून और खिलौना आधारित राखियां आकर्षण का केंद्र बनी हैं, जबकि युवाओं के लिए आधुनिक डिजाइन वाली राखियां पसंद की जा रही हैं. बुजुर्गों के लिए पारंपरिक राखियों की भी मांग है. त्योहार को लेकर जिलेभर में उत्साह का माहौल है.
