जनता दरबार में उठे भूमि विवाद, मुआवजा और राशन वितरण के मामले हर सप्ताह मंगलवार व शुक्रवार को प्रखंडों में जनता दरबार का किया जा रहा आयोजन प्रतिनिधि, गढ़वा उपायुक्त दिनेश यादव की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित जनता दरबार में बड़ी संख्या में फरियादी पहुंचे. उपायुक्त ने एक-एक कर सभी समस्याएं सुनीं और संबंधित पदाधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई का निर्देश दिया. जनता दरबार में भूमि विवाद, मुआवजा भुगतान, राशन वितरण में गड़बड़ी, पेंशन, आवास, रोजगार सृजन व मजदूरी भुगतान से जुड़ी शिकायतें प्रमुखता से सामने आयीं. डंडई प्रखंड के अलीमुद्दीन अंसारी ने शिकायत की कि उन्होंने तीन वर्ष पूर्व इस्माइल अंसारी से 2.20 लाख रुपये में दो कट्ठा जमीन खरीदी थी. बावजूद इसके आज तक जमीन पर दखल नहीं मिल पाया है और विक्रेता द्वारा कब्जा जमाये रखा गया है. वहीं केतार प्रखंड के परती कुशवानी गांव निवासी दीपक कुमार ने बताया कि सोन नदी में पुत्री की डूबने से हुई मौत के बाद उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग से मुआवजा पाने के लिए सभी कागजी प्रक्रिया पूरी की, लेकिन अब तक राशि का भुगतान नहीं हुआ है. उपायुक्त ने कहा कि जिले में हर मंगलवार और शुक्रवार को नियमित रूप से जनता दरबार आयोजित होगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाये, ताकि लोग न्याय से वंचित न रहें. अंगूठा लगवाने के बाद भी नहीं मिला राशन भंडरिया प्रखंड के नौका-मरदा गांव के ग्रामीणों ने जन वितरण प्रणाली की गुलाब महिला समूह पर अंगूठा लगवाने के बाद भी राशन नहीं देने का आरोप लगाया. ग्रामीणों ने इसकी जांच कर बकाया राशन उपलब्ध कराने की मांग की. इसी तरह रमना प्रखंड के मड़वनिया गांव निवासी नन्हकू प्रजापति ने सड़क चौड़ीकरण में अधिग्रहित भूमि का मुआवजा लंबित होने की शिकायत की.
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