प्रतिनिधि गढ़वा मुहर्रम की नवीं तारीख के अवसर पर शनिवार को गढ़वा में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अकीदत के साथ छोटकी चौकी और अखाड़ा के साथ जुलूस निकाला. जुलूस में शामिल अकीदतमंद हजरत ईमाम हसन-हुसैन की याद में या हसन, या हुसैन, या अली, कर्बला दूर है, जाना जरूर है जैसे नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे. साथ ही लोग मरसिया पढ़ते हुए मातम भी कर रहे थे. इस मौके पर समुदाय के लोगों ने पूरे दिन रोजा रखा और मगरीब अजान के बाद रोजा खोला. शहर के विभिन्न मोहल्लों से निकले ताजियादार और अखाड़ेदार जुलूस के माध्यम से कर्बला मैदान पहुंचे. वहां सभी जुलूस मिलनी के साथ एकत्र हुए और इसके बाद कार्यक्रम का समापन किया गया. इसके बाद सभी अपने-अपने ताजिया व अखाड़ा लेकर चौक पहुंचे, जहां सिरनी फातिहा की गयी. बिजली आपूर्ति रही बंद, पुलिस रही तैनात जुलूस के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए विद्युत विभाग द्वारा ऐहतियातन बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई थी. साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा. जगह-जगह पुलिस बल तैनात किये गये थे, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे. सेवा शिविर और लंगरख्वानी का आयोजन जुलूस में शामिल अकीदतमंदों की सुविधा के लिए विभिन्न कमेटियों द्वारा मझिआंव मोड़ सहित अन्य स्थानों पर सेवा शिविर लगाये गये. जहां अकीदतमंदों के बीच शीतल जल और मिष्ठान का वितरण किया गया. साथ ही, कई स्थानों पर लंगरख्वानी का भी आयोजन किया गया, जिसमें आयोजनकर्ताओं द्वारा सिरनी व अन्य व्यंजन बांटे गए. पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण पूरी तरह से आस्था और अकीदत में डूबा रहा. जुलूस शांति और सौहार्द्र के साथ संपन्न हुआ.
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