पेसा कानून ग्रामीण लोकतंत्र की आत्माः बीडीओ

पेसा कानून ग्रामीण लोकतंत्र की आत्माः बीडीओ

भंडरिया. भंडरिया प्रखंड सभागार में रविवार को दो दिवसीय पेसा कानून प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ. प्रशिक्षण में प्रखंड के महिला एवं पुरुष वार्ड सदस्य, ग्राम प्रधान और पंचायत प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की. कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड विकास पदाधिकारी अमित कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. इससे पूर्व 22 से 24 अगस्त तक महिला वार्ड सदस्यों के लिए विशेष तीन दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया था, जिसमें महिला प्रतिनिधियों को अधिकारों, जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गयी थी. उस दौरान भी पेसा कानून की महत्वत्ता और इसके लाभों पर चर्चा हुई. प्रशिक्षक अनूप तिवारी ने पेसा कानून की पृष्ठभूमि, निर्माण वर्ष, उद्देश्यों और ग्राम स्तर पर इसकी भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी. वहीं पिंकी कुमारी ने कहा कि पंचायत स्तर पर महिलाओं की सक्रियता और जागरूकता से गांव के विकास कार्यों में पारदर्शिता और गति दोनों आती है. बीडीओ अमित कुमार ने अपने संबोधन में पेसा कानून को ग्रामीण लोकतंत्र की आत्मा बताया। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा को मिले अधिकार गांव के विकास को गति देने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने प्रतिनिधियों से अपील की कि प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में उतारें और गांव की बेहतरी में इसका उपयोग करें. श्रद्धा देवी, सुमित कुमार मिंज, संजय सिंह, मानदेव सिंह, राजेंद्र माझी, बुधराम माझी, प्रेम सिंह, कोमल सिंह, रमेश सिंह, जय गोविंद राम, यदुनाथ सिंह, रजनी लकड़ा, तारावती देवी, उषा देवी, आश्रिता लकड़ा, कलावती देवी, मीना देवी, मोनिका राज, सनी कुमार, जयप्रकाश गुप्ता की सक्रिय भागीदारी रही.

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Published by: Akarsh aniket

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