धुरकी. दूसरे को भोजन परोसनेवाली विद्यालय की रसोइया को होली में अपनी रसोई बनाने को लेकर चिंता हो रही है. होली एवं रमजान के महीने में भी विद्यालयों में मध्याह्ण भोजन बनानेवाली रसोईया को मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है. प्रखंड के खाला विद्यालय में बच्चों का भोजन बनानेवाली रसोइया समसुल बीवी, आसमा बीवी, प्रभा देवी, लालती देवी व शीला देवी ने बताया कि वे प्रतिदिन बच्चों को भोजन बनाकर खिला रही हैं. इसके एवज में दो हजार रुपये महीना उन्हें दिया जाता है. लेकिन अभी हर महीने उन्हें मानदेय नहीं मिल रहा है. आठ महीना व 10 महीना में एक दो माह की राशि मिलती है. इससे वे गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रही हैं. उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ घर बैठे महिलाओं को मंईयां सम्मान योजना के तहत ढाई हजार रुपये दे रही है. जबकि उन लोगों को काम करने के बाद भी हर महीने पैसा नहीं दिया जा रहा है. रसोईया ने बताया कि होली और रमजान का महीना होने के बाद भी उनके बारे में सरकार का कोई ध्यान नहीं है.
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