15 दिनों के अंदर केतार के आरोग्य मंदिर में तीन नवजात की हो चुकी है मौत
केतार : सरकार द्वारा सुरक्षित प्रसव को लेकर एक से बढ़कर एक कल्याणकारी योजनायें चलायी जा रही है. महिलाओं के गर्भधारण के बाद से उन्हें पोषाहार एवं नियमित रूप से टीकाकरण व स्वास्थ्य जांच को लेकर आयुष्मान आरोग्य मंदिर में कर्मियों की तैनाती की गयी है. वहीं दूसरी ओर 15 दिनों के भीतर केतार के आयुष्मान आरोग्य मंदिर से तीन नवजात की मौत ने सरकारी स्वास्थ्य सुविधा की पोल खोल कर रख दी है. मंगलवार एक नया मामला सामने आया जब केतार गांव निवासी अर्चना देवी प्रसव के लिये आयुष्मान आरोग्य मंदिर गयीं, जहां उन्होंने बच्चे को जन्म दिया, परंतु कुछ ही घंटे बाद नवजात की स्थिति बिगड़ने लगी. परिजन ने बताया कि ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण उन्हें बाहर रेफर किया गया. परंतु वहां पहुंचने के पूर्व ही बच्चे की मौत हो गई. इस घटना को लेकर पीड़िता के परिजनों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति आक्रोश व्याप्त है. इससे पहले यहां सात जुलाई को पालनगर गांव निवासी रजनी देवी ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर केतार में प्रसव कराने गयी, उनका आरोप है कि बच्चे की सही तरीके से देख-भाल नहीं होने के कारण तीन घंटे बाद ही उसकी मौत हो गयी. वहीं 13 जुलाई को निवासी दुर्गा देवी प्रसव के लिये भर्ती हुयी. आरोप है कि यहां काफी देर बाद तक प्रसव नहीं हुआ. उन्हें बाहर रेफर कर दिया गया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
