धुरकी. धुरकी थाना क्षेत्र के खुटिया गांव निवासी राम स्वरूप राम का पुत्र दीपक कुमार (20 वर्ष) की मौत महाराष्ट्र के पुणे में हो गयी. घटना गत शनिवार की बतायी गयी है. लेकिन अभी तक उसका शव घर नहीं पहुंच पाया है. गढ़वा उपायुक्त शेखर जमुआर की पहल पर श्रम विभाग द्वारा दीपक के शव को एंबुलेंस से गांव लाया जा रहा है. परिजनों के अनुसार दीपक मजदूरी करने के एक महीना पहले पुणे गया था. वह वहां राधे चौक स्थित एसजे कंपनी में मजदूरी करता था. इस बीच गत शनिवार की रात मृतक के परिजनों को पुणे पुलिस ने फोन कर बताया कि दीपक का शव रेलवे लाइन के किनारे पाया गया है. उसकी पहचान मृतक के पॉकेट में मिले आधार कार्ड से की गयी. पुलिस की सूचना के बाद मृतक के परिजन व रिश्तेदार शव को लेने पुणे गये. परिजन अत्यंत ही गरीब हैं. शव घर तक लाने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे. दीपक के पिता का कुछ दिन पहले पैर टूट गया है, वह बेड पर हैं. उन्होंने शव घर लाने के लिए स्थानीय मुखिया व बीडीसी के माध्यम से आवेदन देकर गढ़वा डीसी शेखर जमुआर से गुहार लगायी. इसपर पहल करते हुए उपायुक्त ने श्रम आयुक्त से वार्ता कर श्रम विभाग से 50 हजार रुपये का सहयोग दिलाया. इसके बाद मृतक का शव एंबुलेंस से खुटिया लाया जा रहा है. इसके बुधवार की रात तक यहां आने की संभावना है. इधर घटना के बाद दीपक के घर में मातम है. उसके दो बेटा व एक बेटी हैं. परिजनो का रो-रो कर बुरा हाल है. पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि इस्लाम खान व बीडीसी पति कमलेश कुमार सिंह ने मृतक के घर जाकर परिजनों को ढांढ़स बंधाया तथा सरकारी सहायता दिलाने का भरोसा दिलाया है.
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