मंडल कारा में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन
अंडर ट्रायल रिव्यू कमिटी के तहत जमानत पर रिहा होने के अनुशंसा पाने योग्य कैदियों के बारे में दी गई जानकारी प्रतिनिधि गढ़वा जिला विधिक सेवा प्राधिकार गढ़वा द्वारा शनिवार को मंडल कारा में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार गढ़वा की सचिव निभा रंजन लकड़ा, एलएडीसी के डिप्टी चीफ नित्यानंद दूबे व अनिता रंजन, सदस्य सुधीर कुमार तिवारी व विजय कुमार भी उपस्थित थे. शिविर में अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी के तहत जमानत पर मुक्त होने योग्य कैदियों के बारे में जानकारी दी गयी. डीएलएसए सचिव ने कहा कि अंडर ट्रायल रिव्यू कमिटी की बैठक में जमानत पर रिहा होने की अनुशंसा के योग्य कैदियों की 16 श्रेणियां हैं. उन्होंने कहा कि इनमें जमानतीय अपराध में बंद कैदी, न्यायालय से जमानत होने के बावजूद बंध पत्र देने में असमर्थ कैदी, शमनीय मामले में बंद कैदी, वैसे कैदी जो 60 या 90 दिन की अवधि जेल में पूरा कर चुके हैं और उनके मुकदमे का अनुसंधान पूरा नहीं हुआ है, चोरी या छोटे मोटे अपराध (जिनमें न्यूनतम सजा दो वर्ष या उससे कम है एवं उनका प्रथम अपराध हो) में बंद कैदी, बीमार एवं विशेष चिकित्सा सहायता की जरूरत वाले कैदी, छोटे अपराध में बंद महिला कैदी, 19 से 21 वर्ष उम्र वाले ऐसे कैदी जो सात वर्ष से न्यूनतम कारावास में से एक तिहाई भाग सजा काट चुके हों, अस्वस्थ चित्त वाले कैदी जिनके केस का विचारण न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रहा हो और 60 दिन की अवधि के भीतर अभियोजन का साक्ष्य पूरा नहीं हुआ हो, वे सभी अंडर ट्रायल रिव्यू कमिटी के अंतर्गत होने वाले बैठक में जमानत पर रिहाई की अनुशंसा के पात्र होंगे. डीएलएसए सचिव ने कहा कि जो कैदी स्वयं अधिवक्ता रखने में असमर्थ हैं, वे विधिक सेवा प्राधिकार में विधिक सहायता योजना के अंतर्गत अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं. इनके अलावा वैसे सजायाफ्ता कैदी जो अपीलीय न्यायालय में अपील दायर करना चाहते हैं, उनके अपील संबंधी अधिकार के बारे में भी जानकारी दी गयी. मौके पर जेलर महताब आलम, सुरक्षा कर्मी एवं कैदी उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
