प्रभात खबर आपके द्वार. मां चतुर्भुजी मंदिर क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का अभाव, कार्यक्रम में उठी आवाज
मंदिर कमेटी के अध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि चैत्र नवरात्र को लेकर मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है. वाराणसी के विद्वानों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना की जायेगी. एक महीने तक चलने वाले मेले में हजारों दुकानें लगेंगी और श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए झूले आदि की व्यवस्था की जा रही है.
………………..स्थानीय लोगों की राय
साफ-सफाई पर दिया जा रहा विशेष ध्यान: बालमुकुंद
पुजारी बालमुकुंद पाठक ने कहा कि मां की ख्याति कई राज्यों में है. इसे देखते हुए मंदिर की ओर से साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है. सड़क पूरी तर जर्जर, ध्यान देने की जरूरत: अजयग्रामीण अजय कुमार बैठा ने कहा भैंसहट घाटी से राजघाटी तक की सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है. इस पर शासन-प्रशासन के स्तर से अपेक्षित ध्यान दिया जाना चाहिए.
मूलभूत सुविधाओं की कमी: बबलू प्रसाददुकानदार बबलू प्रसाद ने कहा कि वे 37 वर्षों से यहां दुकान लगा रहे हैं. मंदिर कमेटी ने उन्हें पक्का भवन तो दिया है, लेकिन अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी है. यदि प्रशासन ध्यान दे, तो इस स्थान की ख्याति और बढ़ सकती है.
श्रद्धालुओं के ठहरने की बेहतर व्यवस्था हो: गिरवरश्रद्धालु गिरवर शर्मा ने कहा कि यहां श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए बेहतर सरकारी व्यवस्था होनी चाहिए. केवल पर्यटन स्थल का दर्जा देने से स्थिति में बदलाव नहीं होगा, बल्कि जमीन पर सुधार दिखना चाहिए.
शौचालय में गंदगी का अंबार: अरविंद गुप्ता दुकानदार अरविंद गुप्ता ने कहा कि मंदिर परिसर के बाहर बना शौचालय जर्जर स्थिति में है. उसका सोलर और मोटर जल चुका है. गंदगी का अंबार होने के कारण महिला श्रद्धालुओं को खुले में जाने के लिए विवश होना पड़ता है. इसे तुरंत ठीक कराया जाना चाहिए.विकास के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ: अशोक
दुकानदार अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि सरकार ने मंदिर को पर्यटन स्थल का दर्जा तो दे दिया, लेकिन पर्यटन विभाग ने यहां विकास के नाम पर कुछ नहीं किया. भीड़ के हिसाब से न तो बैठने की पर्याप्त जगह है और न ही अन्य आवश्यक सुविधाएं. मंदिर में पेयजल की व्यवस्था नहीं: शंभू साहदुकानदार शंभू साह ने कहा कि भीड़ की तुलना में यहां पेयजल की व्यवस्था लगभग शून्य है. परिसर का जलमीनार भी खराब पड़ा है. गर्मी के मौसम और मेले को देखते हुए प्रशासन को यहां अतिरिक्त जलमीनार लगवाने चाहिए.
