केतार. गढ़वा जिले के केतार प्रखंड में अस्पताल नहीं होने के कारण यहां की करीब 80 हजार की आबादी को स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है. विदित हो कि सुदूरवर्ती केतार प्रखंड बिहार एवं उत्तर प्रदेश की सीमा से सटा है. अस्पताल नहीं रहने के कारण यहां के लोगों को 15 किलोमीटर दूर भवनाथपुर जाकर इलाज कराना पड़ता है. यहां के लोग वर्ष 2008 में प्रखंड गठन के समय से ही अस्पताल की मांग करते आ रहे हैं. साथ ही प्रत्येक चुनाव में जनप्रतिनिधियों के द्वारा भी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया जाता रहा है. पर यह आश्वासन अभी तक धरातल पर नहीं उतर सका है. 20 अक्तूबर 2019 को हुआ था उद्घाटन : यहां पाचाडुमर गांव में थाना से सटे तीन करोड़ की लागत से 10 बेड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का उद्घाटन 20 अक्तूबर 2019 में बगैर डॉक्टर के पदस्थापन के ही कर दिया गया. अस्पताल के अभाव में क्षेत्र में गंभीर दुर्घटना के समय भवनाथपुर पहुंचने तक स्थानीय स्तर पर समय रहते इलाज नहीं मिलने के कारण दर्जनों लोगों की जान जा चुकी हैं. इधर आये दिन मारपीट के बाद गंभीर रूप से घायल लोग केतार थाना में शिकायत दर्ज कराने पहुंचते हैं. पर इलाज के लिए उन्हें उसी अवस्था में इंज्यूरी के लिए भवनाथपुर जाना पड़ता है. भवन को हो रही है क्षति : इधर पांच वर्ष पूर्व बना अस्पताल भवन लगातार बंद रहने के कारण असामाजिक तत्व भवन को क्षति पहुंचा रहे हैं. अस्पताल भवन की खिड़कियां, दरवाजे, पानी टंकी, मोटर, शौचालय, फर्श पर लगे मार्बल, अस्पताल भवन की दीवार एवं गेट को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है. इसे लेकर ग्रामीणों में सरकार के प्रति आक्रोश है. वे सरकार से बंद पड़े अस्पताल भवन को दुरुस्त कर यहां चिकित्सक एवं चिकित्साकर्मी की पदस्थापना की मांग कर रहे हैं.
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