गढ़वा. भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी से झामुमो जिलाध्यक्ष शंभू राम की मुलाकात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गयी हैं. वीडियो सामने आने के बाद झामुमो के अंदर ही पार्टी समर्थकों के एक वर्ग की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई करने तथा प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित करने की मांग की जा रही है. बताया जा रहा है कि शंभू राम और विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी की यह मुलाकात छत्तीसगढ़ स्थित बाबा बच्छराज कुंवर के स्थान पर हुई थी.
बातचीत के कुछ अंश सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद राजनीतिक चर्चा शुरू हो गयी है. वायरल वीडियो में शंभू राम को यह कहते हुए सुना जा रहा है कि पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर की ओर से उन पर विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का लगातार दबाव बनाया जाता रहा है, लेकिन उन्होंने इसे टाल दिया. झामुमो समर्थकों के एक वर्ग ने जिलाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. हालांकि, सोशल मीडिया पर की गयी इन मांगों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
मामले में शंभू राम ने दी सफाई
पूरे मामले पर झामुमो जिलाध्यक्ष शंभू राम ने सफाई देते हुए कहा कि बाबा बच्छराज कुंवर का स्थान आस्था का केंद्र है और वहां हुई मुलाकात को राजनीतिक सांठगांठ के रूप में देखना उचित नहीं है. उन्होंने भाजपा पर आस्था के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया. साथ ही झामुमो के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए कहा कि वे पार्टी के साथ पूरी तरह खड़े हैं.
