प्रतिनिधि, गढ़वा झारखंड के विभिन्न जिलों के पुलिस विभाग में सामने आये ट्रेजरी घोटाले को लेकर गढ़वा जिले में भी इंटर्नल जांच करायी गयी. जिले में अब तक की जांच में किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने नहीं आयी है. बताया गया कि गढ़वा जिले में पुलिस विभाग ही एकमात्र ऐसा विभाग है, जिसका एक ही निकासी एवं व्ययवन पदाधिकारी (डीडीओ) है. पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय ही डीडीओ के प्रभार में रहते हैं. एक ही निकासी व व्ययवन पदाधिकारी के माध्यम से 1600 पुलिसकर्मियों का वेतन निकासी बल्क में किया जाता आ रहा है. ऐसे में इस विभाग में गड़बड़ी की संभावना थी. दूसरे जिलों से गड़बड़ियों की सूचना आने के बाद जिले में भी टीम का गठन कर आंतरिक जांच की गयी. इसके पश्चात पुलिस अधीक्षक कार्यालय व उपायुक्त कार्यालय के स्टाफ की ओर से अभिलेखों की पड़ताल की गयी, जिसमें जिले में ट्रेजरी से वेतन भुगतान में किसी प्रकार की अनियमितता सामने नहीं आयी. गड़बड़ी नहीं मिली : एसपी पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने बताया कि झारखंड के विभिन्न जिलों में सामने आये ट्रेजरी घोटाले को देखते हुए गढ़वा में भी विभागीय स्तर पर इंटर्नल जांच करायी गयी है. जांच में सभी अभिलेखों का मिलान किया गया है, जिसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने नहीं आयी है. उन्होंने बताया कि जिले में पुलिस विभाग के लगभग 1600 कर्मियों को बल्क में वेतन भुगतान किया जाता है. इस भुगतान प्रक्रिया के लिए पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय डीडीओ के रूप में कार्य करते हैं और उनके माध्यम से ही ट्रेजरी से वेतन निर्गत होता है. उन्होंने बताया कि जांच में वेतन भुगतान की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी पायी गयी है.
ट्रेजरी घोटाले को लेकर गढ़वा पुलिस ने करायी जांच, गड़बड़ी नहीं
ट्रेजरी घोटाले को लेकर गढ़वा पुलिस ने करायी जांच, गड़बड़ी नहीं
