क्यूआर कोड से होगी गश्त की निगरानी
अपराध गोष्ठी के दौरान एसपी ने पुलिसिंग में बड़े बदलाव के संकेत दिये
अपराध गोष्ठी के दौरान एसपी ने पुलिसिंग में बड़े बदलाव के संकेत दिये
प्रतिनिधि, गढ़वा गढ़वा पुलिस अब पारंपरिक गश्त से आगे निकलकर तकनीक के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करेगी. शुक्रवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय में आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी के दौरान एसपी अमन कुमार ने पुलिसिंग में बड़े बदलाव के संकेत दिये. उन्होंने जिले के सभी थाना व ओपी प्रभारियों को निर्देश दिया कि अब पेट्रोलिंग पार्टी की निगरानी क्यूआर कोड के माध्यम से की जायेगी. इस तकनीक के लागू होने से पुलिस की गश्त और अधिक पारदर्शी व प्रभावी होगी, जिससे गश्ती दल की लोकेशन और उनकी सक्रियता पर सीधे मुख्यालय से नजर रखी जा सकेगी. बैठक में एसपी ने अनुसंधान की गुणवत्ता सुधारने के लिए डिजिटल साक्ष्यों को प्राथमिकता देने को कहा. उन्होंने सभी अनुसंधानकर्ताओं को इ-साक्ष्य पोर्टल पर कांडों की एंट्री अनिवार्य रूप से करने और नफीस (नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) में कैदियों के फिंगरप्रिंट की प्रविष्टि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. डीजीएसपी-आइजीएसपी कॉन्फ्रेंस पोर्टल और पीजी पोर्टल जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को समयबद्ध तरीके से अपडेट करने की भी हिदायत दी गयी.
ब्लैक स्पॉट पर पुलिस की स्पेशल स्ट्राइक
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए एसपी अमन कुमार ने एक नया रोडमैप तैयार किया है. उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्रों में ””””””””ब्लैक स्पॉट”””””””” (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) चिह्नित करने को कहा है. इन जगहों पर न केवल सघन वाहन चेकिंग होगी, बल्कि ड्रंक ड्राइविंग के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाया जायेगा. एसपी ने कहा कि दुर्घटना रोकने के लिए बुनियादी ढांचों में सुधार के लिए संबंधित विभागों से समन्वय बनाया जाये.
पॉक्सो व एससी-एसटी एक्ट के मामलों को समयबद्घ तरीके से करें निष्पादन
गंभीर अपराधों की समीक्षा करते हुए एसपी ने पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी से संबंधित मामलों का समयबद्ध तरीके से निष्पादित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि पीड़ितों को समय पर मुआवजा मिले, इसके लिए संबंधित विभाग को प्रस्ताव भेजने में देरी न की जाये. साथ ही वारंट, कुर्की और पासपोर्ट/चरित्र सत्यापन जैसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का निर्देश दिया गया. एसपी ने गोष्ठी में मौजूद अधिकारियों से कहा कि किसी भी विशेष परिस्थिति या विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने पर पुलिस आपस में बेहतर समन्वय बनाये.
क्यूआर कोड से गश्ती का लाभ
गश्ती गाड़ी पर लगे क्यूआर कोड को गश्ती दल को समय-समय पर स्कैन करना होगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि पुलिस टीम निर्धारित रूट और समय पर मौजूद है.