महंगाई ने थाली से दूर की हरी सब्जी,आलू-प्याज बना सहारा

बारिश के कारण सब्जियों की कीमतों में भारी उछाल, मध्यम वर्ग के लोगों पर असर

बारिश के कारण सब्जियों की कीमतों में भारी उछाल, मध्यम वर्ग के लोगों पर असर जितेंद्र सिंह, गढ़वा सब्जियों के दामों में बेतहाशा वृद्धि ने आमजन की रसोई का स्वाद बिगाड़ दिया है. महंगाई की मार झेल रहा मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है. फिलहाल स्थिति सामान्य होने के आसार कम ही दिख रहे हैं. लगातार हो रही बारिश के कारण खेतों में सब्जियों की फसलें बर्बाद हो गयी हैं. नतीजतन बाजार में सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं. हरी सब्जियां आम उपभोक्ताओं की थाली से लगभग गायब हो चुकी हैं. सब्जियों की कीमतों में अचानक आयी इस बढ़ोतरी से खासकर मध्यम वर्ग के लोगों का घरेलू बजट बिगाड़ दिया है. बाजार में फूलगोभी 100 रुपये प्रति किलो, टमाटर 80 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रहे हैं. वहीं, आलू और प्याज जैसी दैनिक उपयोग की सब्जियों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. प्याज के दामों में फिलहाल गिरावट आयी है और यह 20 से 25 रुपये किलो तक बिक रहा है, जबकि आलू 25 से 30 रुपये किलो तक पहुंच गया है. गढ़वा में सब्जियों के भाव (प्रति किलो) आलू : 25–30 रुपये प्याज : 15–20 रुपये फूलगोभी : 100 रुपये टमाटर : 80 रुपये पत्ता गोभी : 40–50 रुपये झींगी/नेनुआ/बोदी/कुंदरी/भिंडी/बैगन : 40–50 रुपये करैला : 50–60 रुपये हरी मिर्च : 100–200 रुपये धनिया पत्ता : 300–400 रुपये लहसुन : 50–100 रुपये अदरक : 150–200 रुपये शिमला मिर्च : 50 रुपये गाजर : 80 रुपये मूली/कोहड़ा/कांदा/कद्दू : 30–40 रुपये बीन : 50–60 रुपये ………… सब्जियों के दाम बढ़ने से परेशानी बढ़ी है : अमित कश्यप (फोटो) शहर के मेन रोड निवासी अमित कश्यप ने कहा कि सब्जियों के दाम काफी बढोतरी हुई है. पहले जहां हफ्तेभर की सब्जी 500 रुपये में आ जाती थी, वहीं अब हजार रुपये से भी अधिक खर्च करना पड़ रहा है. बढ़ी महंगाई ने आमजन की मुश्किलें बढ़ा दी है. सब्जियों ने घर का बजट बिगाड़ दिया है : पायल गुप्ता (फोटो ) शहर के चिरौंजिया मोड़ की निवासी पायल गुप्ता ने कहा कि सब्जियों की कीमत ने घर का बजट बिगाड़ दिया है. पहले घर में आसानी से हफ्तेभर की जरूरतें पूरी हो जाती थीं, लेकिन अब खर्च नियंत्रित करना कठिन हो गया है. महंगाई ने रसोई को अस्त-व्यस्त कर दिया है. मध्यम वर्ग को हो रही है परेशानी : सोनम कश्यप (फोटो ) गृहिणी सोनम कश्यप ने कहा कि सब्जियों की लगातार बढ़ती कीमत से मध्यम वर्ग सबसे अधिक परेशान है. अमीर वर्ग पर इसका खास असर नहीं पड़ता, लेकिन मध्यम वर्ग हर रोज की जरूरतों में कटौती करने को मजबूर है. आलू-भिंडी और परवल महंगे हो जाने से रसोई संभालना मुश्किल हो गया है. आसमान छूते भाव से आमजन प्रभावित : नवनीत शुक्ला (फोटो) गढ़वा के नवनीत शुक्ला ने कहा कि सब्जियों के आसमान छूते दाम से आमजन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना अब आम लोगों के लिए चुनौती बन गया है. महंगाई की यह मार त्यौहारों के मौसम में और भी बढ़ सकती है, जिससे काफी परेशानी हो सकती है. बारिश के कारण महंगी हुई सब्जियां : हरि मेहता (फोटो) स्थानीय सब्जी उत्पादक किसान हरि मेहता ने बताया कि इस साल अधिक बारिश से खेतों में पानी भर गया. खेत खाली रह गये और समय पर सब्जियों की बुवाई नहीं हो सकी. इससे उत्पादन घटा और बाजार में मांग-आपूर्ति का संतुलन बिगड़ गया. उन्होंने कहा कि वे आठ एकड़ खेत लीज पर लेकर सब्जी की खेती करते हैं, लेकिन इस बार की बारिश ने उनके साथ-साथ कई किसानों की कमर तोड़ दी है.

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Published by: Akarsh aniket

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