हिंदी सिर्फ भाषा नहीं, भारतीय संस्कृति का प्रतीक है

हिंदी सिर्फ भाषा नहीं, भारतीय संस्कृति का प्रतीक है

गढ़वा. आरके पब्लिक स्कूल में शनिवार को हिंदी दिवस मनाया गया. इस अवसर पर स्कूल में सुबह हिंदी सभा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल के निदेशक अलखनाथ पांडेय ने कहा कि हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और एकता का प्रतीक है. विश्व स्तर पर हिंदी तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है. हिंदी साहित्य, पत्रकारिता, शिक्षा और फिल्म जगत ने इसकी पहुंच को और अधिक मजबूत किया है. हिंदी जनमानस और भावनात्मक भाषा है जो लोगों के दिल को आसानी से छू लेती है. इस दौरान कई प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गा, जिसमें भाषण प्रतियोगिता में अनुष्का पांडेय, अध्ययन आनंद, अक्षरा सिकरवार, काव्य प्रतियोगिता में अभास पटनायक, वैष्णवी मिश्रा, वैभवी मिश्रा और पोस्टर प्रतियोगिता में श्रेया रानी, दिव्या कुमारी,सूफी आफरीन,सत्यम ठाकुर व सभ्यता विश्वकर्मा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >