समाहरणालय में किया गया हिंदी दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन प्रतिनिधि, गढ़वा समाहरणालय सभाकक्ष में रविवार को हिंदी दिवस के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) संजय कुमार ने की. इसमें जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित पदाधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक, विद्यार्थी, कवि और साहित्यकार उपस्थित रहे. एसडीओ संजय कुमार ने कहा कि हिंदी एक सरल और विशाल भाषा है. इसमें अरबी, उर्दू, फारसी, तुर्की, जापानी, अंग्रेजी, रशियन, चाइनीज, पुर्तगाली आदि कई भाषाओं के शब्दों का समावेश मिलता है. उन्होंने कहा कि हिंदी को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रचारित-प्रसारित करने की आवश्यकता है. इसके लिए बोलचाल और लेखन में शुद्ध हिंदी का प्रयोग जरूरी है. उन्होंने कहा कि जैसे हम अपनी संस्कृति और विरासत को संजोकर रखते हैं, वैसे ही मातृभाषा हिंदी को भी संरक्षित करना हमारी जिम्मेदारी है. संविधान सभा ने 14 सितंबर 1949 को हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिया था. इस अवसर पर विभिन्न शिक्षकों, कवियों और साहित्यकारों ने अपने विचार व्यक्त किए और स्वयं रचित कविताओं व गीतों की प्रस्तुति दी. जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा और वरिष्ठ पत्रकार एवं सृजन साहित्यिक मंच के अध्यक्ष विनोद पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है, इसका प्रयोग अधिक से अधिक लेखन और बोलचाल में होना चाहिए.
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