गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट
Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिला समाहरणालय में उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा की अध्यक्षता में ‘आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास एवं स्क्रीनिंग समिति की बैठक पूरी हुई. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में शामिल हुए पूर्व नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीति का फायदा समय से दिलाना है.
29 मई को होगी विशेष बैठक
बैठक में निर्णय लिया गया कि लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और उनके आश्रितों को देय लाभों की जानकारी देने के लिए आगामी 29 मई को एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी. इस बैठक में लंबित मामलों के निराकरण के लिए गहन सत्यापन किया जाएगा. सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि 29 मई की बैठक में पूर्व नक्सलियों और उनके आश्रितों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उन्हें समय रहते सूचित करें.
लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने का निर्देश
उप विकास आयुक्त ने पुनर्वास नीति के तहत मिलने वाले अलग-अलग लाभों के लंबित कामों को जल्द पूरा करने को कहा है. इसके तहत पुनर्वास अनुदान और घोषित पुरस्कार राशि का भुगतान, परिवार के सदस्यों का जीवन बीमा. शिक्षा और प्रशिक्षण, व्यावसायिक प्रशिक्षण और बच्चों के लिए शिक्षण शुल्क की प्रतिपूर्ति. भूमि आवंटन और सरकारी आवास योजना का लाभ. दर्ज कांडों में पैरवी के लिए अधिवक्ता शुल्क का भुगतान.
कई अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रभारी पदाधिकारी (सामान्य शाखा) सुशील कुमार राय ने वर्तमान स्थिति की जानकारी साझा की. इसके अलावा अभियान एसपी आर.डी. बड़ाईक, अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, सिविल सर्जन डॉ. जेएफ कैनेडी, जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा, एलडीएम और डीपीएम (जेएसएलपीएस) समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे.
क्या है पुनर्वास नीति का उद्देश्य?
नक्सली आत्मसमर्पण नीति का मूल उद्देश्य हथियारबंद विद्रोहियों को हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में जोड़ना है. सरकार इसके तहत उन्हें रोजगार, शिक्षा, और वित्तीय सुरक्षा देती है जिससे वे एक सम्मानजनक जीवन जी सके.
यह भी पढ़ें: सरायकेला-खरसावां: कुचाई में करियर काउंसलिंग सह सम्मान कार्यक्रम आयोजित, मैट्रिक और इंटर के टॉपर हुए सम्मानित
यह भी पढ़ें: सरायकेला-खरसावां: कुकड़ू में जंगली हाथी का कहर, घर तोड़ा, इलाके में दहशत
