गढ़वा में SIR अभियान तेज, 7.04 लाख से अधिक फॉर्म डिजिटाइज्ड

गढ़वा में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान तेज, 7.04 लाख से अधिक प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा. जानिए जिले की विधानसभावार प्रगति और चुनाव आयोग के निर्देश.

अविनाश की रिपोर्ट

गढ़वा: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है. मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन शाखा से लेकर धरातल स्तर तक कार्य में गति लाई गई है. जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा खुद पूरे अभियान पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और समय-सीमा के भीतर सभी प्रक्रियाओं को पूरा कराने के लिए अधिकारियों के साथ लगातार समीक्षा बैठकें कर रहे हैं.

घर-घर पहुंच रहे बीएलओ, 100% प्रपत्रों का हो चुका है वितरण

धरातल पर स्थिति यह है कि जिले के सभी बूथों पर तैनात बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) घर-घर पहुंचकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन कर रहे हैं. प्रशासनिक स्तर पर गणना प्रपत्रों का 100 प्रतिशत वितरण पूरा कर लिया गया है. प्रपत्रों के संग्रहण, सत्यापन और डिजिटाइजेशन का काम समानांतर रूप से चल रहा है. आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि अब तक जिले में कुल 7,04,349 प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया गया है. वहीं 7,03,913 प्रपत्रों का बीएलओ स्तर पर भौतिक सत्यापन भी संपन्न हो चुका है, जबकि 436 प्रपत्रों को ऑनलाइन सबमिट किया जा चुका है.

विधानसभावार आंकड़ों पर एक नजर

विधानसभा क्षेत्रों में हो रही प्रगति की बात करें तो दोनों क्षेत्रों में अभियान समान रफ्तार से आगे बढ़ रहा है. 80-गढ़वा विधानसभा क्षेत्र: कुल 4,26,661 मतदाताओं वाले इस क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रपत्रों के वितरण के बाद अब तक 3,37,430 फॉर्म का डिजिटाइजेशन और 3,37,129 फॉर्म का सत्यापन पूरा हो गया है. इसके अलावा 301 प्रपत्र ऑनलाइन जमा किए जा चुके हैं.

81-भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र: इस क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 4,35,431 है.यहां भी शत-प्रतिशत प्रपत्र बांटे जा चुके हैं. डिजिटाइजेशन के मामले में यह क्षेत्र आगे चल रहा है, जहां 3,66,919 प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन और 3,66,784 का सत्यापन हो चुका है.ऑनलाइन सबमिशन का आंकड़ा 135 तक पहुंचा है.

विशेष श्रेणी के मतदाताओं की हो रही गहन छंटनी

चुनाव आयोग के कड़े मानकों के आधार पर फर्जी व दोहरे मतदाताओं को हटाने की प्रक्रिया भी साथ-साथ चल रही है.जांच के दौरान जिले में अब तक (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट) श्रेणी के 4,362 मामलों की पहचान की गई है. इसके अलावा एक जैसी जनसांख्यिकीय प्रविष्टियों के 14,445 और संग्रह न हो सकने वाले 48,602 मामले सामने आए हैं। इन सभी मामलों की गहनता से जांच कर आयोग के दिशानिर्देशानुसार निष्पादन किया जा रहा है.

29 जुलाई तक प्रक्रिया पूरी करने की डेडलाइन

जिला प्रशासन ने अभियान की सफलता के लिए 29 जुलाई 2026 तक सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने का लक्ष्य तय किया है. इसका मुख्य उद्देश्य 5 अगस्त 2026 को मतदाता सूची के प्रारूप का अंतिम रूप से प्रकाशन सुनिश्चित करना है. इसके लिए सभी ईआरओ, एईआरओ और सुपरवाइजर लगातार क्षेत्रों में घूमकर प्रगति रिपोर्ट का जायजा ले रहे हैं. मामले में जिला निर्वाचन पदाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने आम नागरिकों से अपील की है कि जब बीएलओ उनके घर पहुंचें तो सही जानकारी और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं.उन्होंने कहा कि एक पारदर्शी और मजबूत लोकतंत्र के लिए शुद्ध मतदाता सूची का होना बेहद जरूरी है, जिसमें आम जनता का सक्रिय सहयोग सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.


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Author: Prabhat khabar news desk

Published by: Sweta Vaidya

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