गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट
Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले के 16 प्रखंडों में निवास करने वाले आदिम जनजातीय समुदाय के लिए अच्छी खबर है. जिले में कोरवा और परहिया समुदाय के हर परिवार को सरकारी योजनाओं का फायदा दिलाने के लिए व्यापक स्तर पर ‘पीवीटीजी एंटाइटलमेंट सर्वे’ शुरू किया गया है. जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश ने जानकारी दी कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आदिम जनजातियों की 63 हजार की अनुमानित जनसंख्या को मुख्यधारा से जोड़ना है.
मोबाइल ऐप के जरिए हो रहा सर्वे
बताया गया कि सर्वे के माध्यम से जिले के लगभग 14 हजार परिवारों का डाटा तैयार किया जा रहा है. सर्वे पूरा होने के बाद इन परिवारों को मूलभूत सुविधाओं जैसे राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, उज्ज्वला योजना, आधार कार्ड, वोटर आईडी, जन्म प्रमाण पत्र और पेंशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं से शत-प्रतिशत जोड़ने की प्लानिंग सरकार द्वारा तैयार की जा रही है. जिले के अलग-अलग गांवों और टोलो में स्थानीय युवाओं द्वारा मोबाइल ऐप के माध्यम से यह सर्वे किया जा रहा है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अगर सर्वे में कोई परिवार छूट जाता है, तो भविष्य में उन्हें सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रहना पड़ सकता है. इसलिए हर टोले और परिवार को जोड़ना अनिवार्य है.
20 मई तक पूरा करना है अभियान
यह काम 20 मई तक अनिवार्य रूप से पूरा किया जाना है. जिला प्रशासन ने अपील की है कि अगर किसी गांव या टोले में सर्वे टीम अगले 10 दिनों के भीतर नहीं पहुंचती है, तो ग्रामीण तुरंत संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी या प्रखंड कल्याण पदाधिकारी को सूचना दें. जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश ने कहा कि यह सर्वे आदिम जनजातीय परिवारों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है. इसके माध्यम से शासन प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि कोई भी जरूरतमंद परिवार सरकारी योजनाओं की पहुंच से बाहर न रहे.
इन योजनाओं का मिलेगा लाभ
प्रमाण पत्र: जाति, जन्म, आवास.
पहचान पत्र: आधार कार्ड, वोटर आई कार्ड.
स्वास्थ्य व ऊर्जा: आयुष्मान कार्ड, उज्ज्वला योजना
सामाजिक सुरक्षा: राशन कार्ड, पेंशन योजना.
इसे भी पढ़ें: गुमला के कामडारा अस्पताल से गायब थीं डॉक्टर, इलाज के अभाव में एंबुलेंस चालक की मौत
इसे भी पढ़ें: रजरप्पा के छिन्नमस्तिका मंदिर से हटाए गए दुकानदारों के पुनर्वास पर हाईकोर्ट सख्त, दिए निर्देश
