त्योहारों में आपके प्लेट तक पहुँच रही है 'जहरीली मिठाई'; गढ़वा में नकली मिठाइयों का भंडाफोड़, चाशनी में कपड़ा धोने वाला हाइड्रा और सड़ा पनीर बरामद, 2 कारखाने सील

गढ़वा में त्योहारों के दौरान बिक रही जहरीली मिठाइयों का भंडाफोड़। चाशनी में हाइड्रा और केमिकल का इस्तेमाल, प्रशासन ने की बड़ी कार्रवाई। सावधान रहें!

गढ़वा. त्योहारों का सीजन आते ही मिठाइयों की खुशबू से बाजार सजने लगे हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि रक्षाबंधन और दीपावली पर आपकी जुबान पर घुलने वाली मिठास दरअसल 'धीमा जहर' भी हो सकती है? जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त छापेमारी में जो सनसनीखेज सच निकलकर सामने आया है, वह गढ़वावासियों की सेहत और सुरक्षा पर बहुत बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है.प्रशासनिक जांच में मिठाई बनाने के नाम पर खेले जा रहे जिस खतरनाक 'केमिकल खेल' का भंडाफोड़ हुआ है, वह आपकी आंखें खोल देगा.

चाशनी साफ करने के लिए कपड़ा धोने वाले 'हाइड्रा' का इस्तेमाल!

श्री बंशीधर नगर (नगर उंटारी) स्थित मिठाई कारखानों की जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाला और भयावह खुलासा 'शिवम स्वीट्स' में हुआ.मिठाइयों के लिए बनने वाले सीरे (चाशनी) को साफ, चमकदार और पारदर्शी बनाने के लिए खाद्य पदार्थों के बजाय इंडस्ट्रियल ब्लीचिंग केमिकल 'हाइड्रा' का बेधड़क इस्तेमाल किया जा रहा था. हाइड्रा मुख्य रूप से टेक्सटाइल और इंडस्ट्रियल ब्लीचिंग में इस्तेमाल होने वाला एक बेहद खतरनाक रसायन है. इसे भोजन के जरिए शरीर में जाने पर पेट के कैंसर, अल्सर और लिवर-किडनी को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है. प्रशासन ने मौके से इस रसायन की खेप जब्त की है.

परवल की मिठाई में 'जहरीला हरा रंग'

त्योहारों में मिठाइयों को आकर्षक दिखाने के लिए मिलावटखोर किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं.निरीक्षण के दौरान परवल की मिठाई में तय मानक से कहीं अधिक अत्यधिक गहरा हरा (सिंथेटिक) रंग मिलाया पाया गया. यह रंग खाने योग्य न होकर औद्योगिक पेंट या डाइस का हिस्सा प्रतीत होता है, जो सीधा इंसानी पाचन तंत्र को प्रभावित करता है.

220 किलो‌ संदिग्ध रसगुल्ले

120 किलोग्राम रंगीन व संदिग्ध रसगुल्ला तथा 10 किलोग्राम हरे रंग से लथपथ परवल की मिठाई को तुरंत जमीन में गाड़कर नष्ट कराया गया. वहीं 'न्यू शिवम स्वीट्स' के कारखाने से भी 100 किलोग्राम सड़ा व संदिग्ध रसगुल्ला बरामद हुआ.

फ्रीजर में सड़ा पनीर और बासी मिठाइयों का डंपिंग यार्ड

शहर के नामी रेस्टोरेंट और होटलों के किचन में जब जांच टीम घुसी, तो वहां की बदबू और गंदगी देखकर अधिकारियों का भी सिर चकरा गया. हनुमान मोड़ स्थित 'अनिकेत पैलेस एंड रेस्टोरेंट' के किचन से भारी मात्रा में फफूंद लगा, बदबूदार और सड़ा हुआ पनीर जब्त किया गया, जिसे ग्राहकों को परोसने की तैयारी थी. गढ़वा शहर के 'ग्वावल स्वीट्स' और 'मां जगदंबा स्वीट्स' में कई दिनों से फ्रीजर में डंप कर रखी गई 8 किलोग्राम सड़ी-गली मिठाइयों का स्टॉक पकड़ा गया.न्यू प्लाजा होटल' में बनाई जा रही जलेबियों में मानक से कहीं ज्यादा घातक केमिकल रंगों का इस्तेमाल पाया गया, वहीं 'आकाशगंगा होटल' का किचन नाले के पानी व जलजमाव के बीच संचालित होता मिला.

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सतर्क रहें! मिठाइयां खरीदते वक्त इन बातों का रखें विशेष ध्यान

प्रशासनिक जांच के इस खुलासे के बाद विभाग ने त्योहारों की खरीदारी के दौरान अत्यधिक सतर्कता बरतने की अपील की है.

ज्यादा चमकदार या चटक रंगों से बचें:- अगर परवल या कोई भी हरी/लाल मिठाई जरूरत से ज्यादा चटक या चमकदार दिख रही है, तो उसमें केमिकल डाई हो सकती है. चाशनी का स्वाद व गंध जांचें:- यदि रसगुल्ले या जलेबी के सीरे से किसी प्रकार की तीखी रासायनिक गंध आए, तो उसका सेवन बिल्कुल न करें. सस्ते पनीर और खोआ से दूरी बनाएं: -बहुत सस्ता मिलने वाला पनीर या खोआ अक्सर सिंथेटिक दूध या स्टार्च से बना होता है. हमेशा लाइसेंसधारी दुकानों से ही खरीदारी करें.

प्रशासनिक हड़कंप: 2 कारखाने सील, 1.05 लाख का भारी जुर्माना

इस सनसनीखेज खुलासे के बाद अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आर.एस. सिंह और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कड़ा रुख अपनाया है.शिवम स्वीट्स और न्यू शिवम स्वीट्स पर ₹50-50 हजार का जुर्माना लगाते हुए दोनों कारखानों को अगले आदेश तक सील कर दिया गया है.आकाशगंगा होटल पर ₹5,000 का ऑन-द-स्पॉट जुर्माना लगाया गया है.जब्त किए गए खोआ, छेना और रसमलाई के सैंपलों को राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है, जहां से रिपोर्ट आने के बाद कारोबारियों पर कानूनी केस दर्ज किया जाएगा.

"चाशनी साफ करने के लिए हाइड्रा जैसे केमिकल या मिठाइयों में सिंथेटिक रंगों का प्रयोग इंसानी जिंदगी से खिलवाड़ है. ऐसे मिलावटखोरों को बख्शा नहीं जाएगा और जिले में यह छापेमारी आगे भी जारी रहेगी. " डॉ. आर.एस. सिंह, एसीएमओ सह अभिहित अधिकारी, गढ़वा


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By Avinash singh

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