गढ़वा: अवैध क्लिनिक संचालकों पर स्वास्थ्य विभाग ने कसा शिकंजा

धुरकी में स्वास्थ्य विभाग ने अवैध क्लिनिक और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है. संचालकों से वैध कागजात मांगे गए, न मिलने पर नोटिस जारी.

धुरकी. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धुरकी के अंतर्गत विभिन्न गांवों में संचालित अवैध क्लिनिक और झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है. गढ़वा सिविल सर्जन के निर्देश पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रत्नेश कुमार ने स्वास्थ्य कर्मियों के साथ विभिन्न गांवों में संचालित क्लिनिकों का निरीक्षण किया. इस दौरान संचालकों से चिकित्सा प्रैक्टिस से संबंधित वैध कागजात मांगे गये.

जिन संचालकों ने मौके पर वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये, उन्हें तीन दिन के अंदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धुरकी में अपने दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय में वैध कागजात प्रस्तुत नहीं करने अथवा संतोषजनक जवाब नहीं देने वाले चिन्हित लोगों के खिलाफ नियम संगत कार्रवाई की जायेगी.

डॉ रत्नेश कुमार ने बताया कि वरसोती गांव के दीपक कश्यप, रामू कुमार साह, नागेंद्र पासवान, मजेश पासवान तथा खाला गांव के रशीद अंसारी, केश्वर राम, फैज अंसारी, इकबाल साई, कंकण विश्वास, योगेंद्र यादव सहित 12 लोगों से स्पष्टीकरण मांगा गया है. उन्होंने कहा कि अवैध रूप से क्लिनिक संचालित करने और अनधिकृत तरीके से दवा बेचने की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी.उन्होंने बताया कि प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में अवैध रूप से चिकित्सा प्रैक्टिस करने वालों के खिलाफ सघन अभियान चलाया जायेगा. इसके लिए टीम गठित की जा रही है.

अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को अवैध चिकित्सा प्रैक्टिस के झांसे से बचाना और उन्हें उचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है. निरीक्षण अभियान में अरुण ठाकुर, मनोज कुमार, गौतम कुमार सहित कई स्वास्थ्यकर्मी शामिल थे.

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By Avinash Singh

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