चिनिया. चिनिया प्रखंड मुख्यालय स्थित चिरका जलाशय डैम से निकली मुख्य नहर में दुकानदारों द्वारा कचरा फेंके जाने से नहर जाम हो गयी है. इससे नहर का पानी नीचे तक नहीं पहुंच पा रहा है और किसानों के खेतों में फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है. इससे आक्रोशित सैकड़ों महिला-पुरुष किसान सोमवार की सुबह करीब छह बजे ग्रामीण बैंक पुल के पास सड़क पर उतर आये और धरना देने की कोशिश की.
किसानों का कहना था कि ग्रामीण बैंक के आसपास के दुकानदार मुख्य नहर में कूड़ा-कचरा फेंकते हैं. इससे नहर में बड़ी मात्रा में कचरा जमा हो गया है और पानी का बहाव बाधित हो गया है. नीचे के खेतों तक पानी नहीं पहुंचने से किसानों को फसल की सिंचाई में परेशानी हो रही है. ग्रामीणों ने पूर्व में भी दुकानदारों को नहर में कचरा नहीं डालने की चेतावनी दी थी, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ.
किसानों के सड़क पर उतरने की सूचना के बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें समझाया. इसके बाद किसानों ने धरना स्थगित कर दिया और अपने-अपने घर लौट गये. स्थानीय पत्रकारों ने इस मामले में चिनिया के अंचल अधिकारी उमेश्वर यादव से बात की. किसानों की समस्या से संबंधित आवेदन विभाग को देने और मामले पर संज्ञान लेने की बात कही गयी. इसके बाद किसान शांत हुए.
चंदे से नहर की सफाई में जुटे किसान
किसानों ने कहा कि यदि विभाग ने नहर की समस्या का समाधान नहीं किया, तो वे स्वयं पुल के आसपास किए गये अतिक्रमण को हटाने का प्रयास करेंगे. किसानों ने चेतावनी दी कि इस दौरान यदि किसी प्रकार का विवाद या झड़प होती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग के पदाधिकारियों की होगी. फिलहाल किसान आपस में चंदा जुटाकर नहर में जमा कचरे की सफाई करने की कोशिश कर रहे हैं.
