सड़क निर्माण के दौरान नहीं हो रहा पानी का नियमित छिड़काव, काम में भी देरी जितेंद्र सिंह गढ़वा शहर में चल रहे सड़क निर्माण कार्य ने आम लोगों की परेशानियां चरम पर पहुंचा दी हैं. मुख्य सड़कों को चार महीनों से खोदकर अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है. निर्माण एजेंसी ने सड़क को उखाड़कर छोड़ दिया, लेकिन न तो कार्य में अपेक्षित तेजी आयी और न ही लोगों को राहत देने के ठोस कदम उठाये गये. प्रमुख सड़कें गड्ढों, बिखरे पत्थरों और उखड़ी सतह के कारण दुर्घटनाओं के लिए खुला निमंत्रण बन गयी हैं. पैदल चलने वाले लोग, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे इन रास्तों से गुजरने में जोखिम का सामना कर रहे हैं. सड़क निर्माण के कारण उड़ती धूल लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रही है. सड़क किनारे रहने वाले परिवारों का कहना है कि घरों में हर समय धूल जमा हो जाती है. दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने के बावजूद धूल अंदर पहुंच रही है. सुबह सफाई करने के कुछ ही घंटों बाद घर फिर से धूल से भर जाता है. धूल के कारण बच्चों, बुजुर्गों और दमा रोगियों की परेशानी बढ़ गयी है. कई लोग सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन, खांसी और एलर्जी जैसी समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान नियमित पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा, जिससे समस्या और बढ़ गयी है. बता दें कि निर्माण कंपनी शिवालया कंस्ट्रक्शन ने सड़क निर्माण का कार्य 31 मार्च तक पूरा करने का आश्वासन दिया था. जब 31 मार्च तक काम पूरा नहीं हो सका, तो कंपनी ने काम पूरा करने के लिए 15 दिनों का समय मांग था. हालांकि अब तक कार्य पूरा नहीं हो सका है. व्यापार पर पड़ रहा असर सड़क की खराब स्थिति का असर व्यापार पर भी पड़ रहा है. सड़क किनारे स्थित दुकानदारों का कहना है कि खराब सड़क और धूल के कारण ग्राहक दुकानों तक नहीं आ रहे हैं. कई दुकानदारों ने बताया कि उनकी बिक्री पर सीधा असर पड़ा है. धूल के कारण दुकानों में रखा सामान खराब हो रहा है और रोज सफाई के बावजूद स्थिति सामान्य नहीं हो पा रही है. व्यापारी कहते हैं कि सड़क निर्माण शुरू होने पर उम्मीद थी कि कुछ समय की परेशानी के बाद बेहतर सड़कें मिलेंगी, लेकिन महीनों बीतने के बाद भी काम अधूरा पड़ा है. दुर्घटनाओं का बढ़ा खतरा उखड़ी सड़कें और गड्ढे सड़क हादसों का खतरा बढ़ा रहे हैं. खासकर रात में वाहन चालकों को कठिनाई होती है. कई जगह चेतावनी संकेत नहीं लगाये गये हैं, जिससे लोग गड्ढों में फंस जाते हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार कई बाइक सवार सड़क पर गिरकर घायल हो चुके हैं. स्कूल जाने वाले बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. लोगों का कहना है कि निर्माण एजेंसी की लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. जनप्रतिनिधियों ने भी जतायी नाराजगी सड़क निर्माण में हो रही देरी और अव्यवस्था को लेकर विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी और नगर परिषद अध्यक्ष आशीष सोनी ने भी नाराजगी जतायी है. बावजूद इसके हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है. लोगों का सवाल है कि निर्माण कार्य पूरा करने में इतनी देरी क्यों हो रही है
चार महीने से तारीख पर तारीख, धूल से घुट रहा शहर
सड़क निर्माण के दौरान नहीं हो रहा पानी का नियमित छिड़काव, काम में भी देरी
