केतार से संदीप कुमार की रिपोर्ट
Garhwa Crime News: झारखंड के गढ़वा जिले के केतार थाना क्षेत्र स्थित परती कुशवानी गांव में 17 वर्षीय किशोरी की हत्या मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि किशोरी की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके अपने पिता ने ही की थी. आरोपी पिता ने बेटी की सिर्फ इसलिए हत्या कर दी क्योंकि वह उसकी मर्जी से तय की गयी शादी के लिए तैयार नहीं थी. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज एक सप्ताह के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गयी है.
बंद कमरे से मिला था किशोरी का सड़ा हुआ शव
जानकारी के अनुसार 19 मई को केतार थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि परती कुशवानी गांव स्थित निर्मल सिंह के घर से तेज दुर्गंध आ रही है. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. वरीय अधिकारियों की मौजूदगी में घर के बाहर लगा ताला मृतका के भाई अविनाश कुमार सिंह से खुलवाया गया. कमरे के अंदर पहुंचते ही पुलिस के होश उड़ गये. वहां निर्मल सिंह की 17 वर्षीय पुत्री आकृति कुमारी का शव जमीन पर चित अवस्था में पड़ा हुआ था. शव काफी सड़ चुका था, जिससे आशंका जतायी गयी कि हत्या दो से तीन दिन पहले की गयी थी. घटना के बाद मृतका के भाई के बयान पर केतार थाना में कांड संख्या 28/26 दर्ज किया गया. मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी.
राजस्थान में तय कर दी थी बेटी की शादी
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी पिता निर्मल सिंह राजस्थान में मजदूरी का काम करता था. वहीं उसने अपनी बेटी आकृति की शादी राजस्थान के ही एक युवक से तय कर दी थी. लेकिन आकृति राजस्थान जाकर शादी करने के लिए तैयार नहीं थी. वह अपने गांव और परिवार के बीच रहना चाहती थी. इसी बात को लेकर पिता और बेटी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था. पुलिस के अनुसार यह विवाद धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि पिता ने अपनी ही बेटी की हत्या की साजिश रच डाली.
सोते समय रस्सी से घोंट दिया गला
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि घटना वाले दिन आकृति घर में सो रही थी. इसी दौरान उसने रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी. हत्या के बाद आरोपी ने साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से घर के बाहर ताला लगा दिया और वहां से फरार हो गया. पुलिस के अनुसार आरोपी हत्या के बाद सीधे राजस्थान भाग गया था ताकि उस पर किसी को शक न हो. लेकिन तकनीकी अनुसंधान और लगातार निगरानी के कारण पुलिस उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी.
तकनीकी जांच से पुलिस को मिला सुराग
गढ़वा पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर के निर्देश पर श्री बंशीधर नगर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सत्येंद्र नारायण सिंह के नेतृत्व में विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया था. तकनीकी अनुसंधान के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी राजस्थान में छिपा हुआ है और कुछ दिनों बाद गढ़वा लौटने की फिराक में है. इसके बाद पुलिस लगातार उसके मूवमेंट पर नजर रख रही थी. 27 मई को पुलिस को सटीक सूचना मिली कि आरोपी उत्तर प्रदेश के कोन इलाके से होकर खरौंधी मार्ग के रास्ते नगर ऊंटारी की ओर आ रहा है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गयी.
घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा
पुलिस टीम ने बजरमरवा गांव के पास घेराबंदी की. इसी दौरान पुलिस वाहन को देखकर आरोपी भागने लगा. हालांकि पुलिस बल ने पीछा कर उसे पकड़ लिया. गिरफ्तार आरोपी की पहचान 51 वर्षीय निर्मल सिंह, पिता स्वर्गीय हरिहर सिंह, निवासी ग्राम परती कुशवानी, थाना केतार के रूप में हुई है. पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है.
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पुलिस टीम की हो रही सराहना
हत्या जैसे गंभीर मामले का एक सप्ताह के भीतर खुलासा होने पर पुलिस टीम की सराहना हो रही है. इस सफल कार्रवाई में श्री बंशीधर नगर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सत्येंद्र नारायण सिंह, भवनाथपुर अंचल पुलिस निरीक्षक, केतार थाना प्रभारी अरुण कुमार रवानी, केस के अनुसंधानकर्ता पुलिस अवर निरीक्षक आदित्य ठाकुर, पुलिस अवर निरीक्षक बदल कुमार साहू और केतार थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे. इस घटना ने एक बार फिर पारिवारिक दबाव और जबरन शादी जैसे सामाजिक मुद्दों को सामने ला दिया है. गांव में इस घटना के बाद मातम और भय का माहौल बना हुआ है. वहीं लोग इस बात से स्तब्ध हैं कि एक पिता अपनी ही बेटी की जान कैसे ले सकता है.
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