मैपिंग नहीं होने पर भी मिलेगा गणना प्रपत्र : एसडीएम

मैपिंग नहीं होने पर भी मिलेगा गणना प्रपत्र : एसडीएम

प्रतिनिधि, गढ़वा गढ़वा. सदर अनुमंडल पदाधिकारी सह निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी संजय कुमार ने मंगलवार को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विशेष बैठक की. बैठक का उद्देश्य आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मौजूद शंकाओं और भ्रांतियों को दूर करना तथा पुनरीक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करना था. बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों द्वारा पूछे गये विभिन्न प्रश्नों का सरल भाषा में जवाब दिया गया. साथ ही विशेष गहन पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया, नागरिकता संबंधी प्रावधानों, आवश्यक दस्तावेजों और मतदाता सत्यापन की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गयी. प्रशासन की ओर से सभी राजनीतिक दलों से अपने-अपने क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चलाने और मतदाताओं तक सही जानकारी पहुंचाने की अपील की गयी. एसडीएम संजय कुमार ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं की अब तक मैपिंग नहीं हुई है, उनका नाम केवल इसी आधार पर मतदाता सूची से नहीं हटाया जायेगा. ऐसे मतदाता संबंधित बीएलओ से संपर्क कर अपनी मैपिंग करा सकते हैं. उन्होंने बताया कि मैप किये गये और अनमैप्ड दोनों प्रकार के मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराया जायेगा. बैठक में नागरिकता संबंधी प्रावधानों की भी जानकारी दी गयी. बताया गया कि एक जुलाई 1987 से पहले भारत में जन्मे मतदाताओं को केवल अपने दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे. एक जुलाई 1987 से दो दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाताओं को अपने दस्तावेजों के साथ माता या पिता में से किसी एक के दस्तावेज भी देने होंगे. वहीं दो दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाताओं को अपने दस्तावेजों के साथ माता और पिता दोनों के नागरिकता और जन्म संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे. एसडीएम ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है तथा प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सूची में सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ इस प्रक्रिया का संचालन कर रहा है. बैठक में सभी राजनीतिक दलों से सहयोग करने और अधिक से अधिक जनजागरूकता फैलाने का अनुरोध किया गया. 12 वैकल्पिक दस्तावेजों की दी गयी है जानकारी एसडीएम ने बताया कि निर्वाचन आयोग की ओर से मान्य 12 वैकल्पिक दस्तावेजों की जानकारी भी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी गयी है, ताकि वे मतदाताओं का सही मार्गदर्शन कर सकें. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई है, उन्हें गणना चरण में केवल भरा हुआ और हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र बीएलओ को जमा करना है. इस प्रपत्र के साथ किसी भी प्रकार का दस्तावेज संलग्न करने की आवश्यकता नहीं है. आवश्यक दस्तावेज 29 जुलाई के बाद निर्धारित सुनवाई प्रक्रिया के दौरान जमा किये जायेंगे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Akarsh Aniket

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >