शहर से अतिक्रमण हटा, 50 से अधिक संरचना ध्वस्त

शहर से अतिक्रमण हटा, 50 से अधिक संरचना ध्वस्त

गढ़वा.

पूर्व निर्धारित समय अनुसार सोमवार को सुबह 8:00 बजे से मझिआंव रोड पर अस्थायी अतिक्रमण हटाने को लेकर संयुक्त अभियान चलाया गया. अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार के निर्देश व देखरेख में चलाये गये इस अभियान का नेतृत्व सीओ सफी आलम ने किया. मौके पर नगर परिषद के अतिक्रमण विरोधी दस्ता ने अतिक्रमित संरचनाओं को ध्वस्त किया तथा सड़क पर रखे सामान को जब्त कर लिया. शुरुआत में लगभग एक घंटे तक सदर एसडीएम संजय कुमार ने स्वयं अतिक्रमण विरोधी अभियान का मोर्चा संभाला. इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों को समझाया कि वे आज हटाये जा रहे अतिक्रमण के बाद दोबारा यहां कब्जा न करें. सभी से अनुरोध किया गया कि वे सड़क के दोनों ओर निर्मित नाली के अंदर ही रहे. नाली पर या नाली से बाहर रोड पर सामान रखना प्रतिबंधित है. ऐसा करने पर सामान जब्त करने के साथ ही जुर्माना भी लगाया जायेगा.

बुलडोजर से तोड़ा गया अस्थायी निर्माण : अतिक्रण हटाओ अभियान के दौरान सड़क के दोनों और बनी बासंपल्ली या गुमटी आदि से बनी अस्थायी संरचनाओं को हटाया गया. जिन लोगों ने नाली के ऊपर स्थायी निर्माण किया था, उसे भी बुलडोजर से तोड़ दिया गया. टीम ने इस बात का भी ध्यान रखा कि इस तोड़फोड़ के क्रम में किसी का अनावश्यक कोई नुकसान न हो. इस दौरान लगातार सभी को हिदायत दी जा रही थी कि वे अपने टूट फूट वाले सामान स्वयं हटा लें.

सामान जब्त किये गये : अभियान के दौरान सड़क पर कुछ सामान ऐसा भी मिले, जो सड़क पर ही रखे थे. जैसे मुर्गी रखने वाले दरबे, वेल्डिंग वर्क वाले दरवाजे, गेट व जाली आदि. नगर परिषद ने ये सामान जब्त कर लिये. कई लोगों ने अपने साइन बोर्ड सड़क के लंबवत इस तरह से गाड़ रखे थे. जिससे आवागमन बाधित हो रहा था. इस प्रकार के साइन बोर्ड और होर्डिग को मौके पर ही ध्वस्त कर दिया गया. वहीं ट्रैक्टर का एक शोरूम तथा एक बीज भंडार जैसी दो स्थायी संरचना को तोड़ दिया गया.

जुर्माना लगाने का निर्देशएसडीएम ने नगर परिषद के कार्यपालिक पदाधिकारी को थाना के साथ इस प्रकार से नियमित अंतराल पर प्रमुख मार्गों पर अभियान चलाते रहने का निर्देश दिया. साथ ही उन्होंने कहा कि ध्वस्तीकरण के दौरान या अतिक्रमण हटाने के दौरान जो खर्च आता है, उस खर्च की वसूली अतिक्रमण करने वालों से करें. अस्थायी प्रकृति के अतिक्रमणकारियों को मौके पर ही अर्थ दंड लगायें ताकि वे हतोत्साहित हों. इसके साथ-साथ लोगों को सिविक सेंस के बारे में जागरूक भी करते रहें.

फिर अतिक्रमण हुआ, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाईएसडीएम ने कहा कि यदि दोबारा अतिक्रमण होता है तो इसकी जिम्मेदारी उस रोड पर गश्ती करने वाले पुलिसकर्मियों तथा उस क्षेत्र के नगर परिषद के टैक्स दारोगा की होगी. उन्होंने कहा कि नगर परिषद के टैक्स दारोगा और क्षेत्रीय कर्मचारी अतिक्रमण के प्रथम चरण में ही अपने कार्यपालक पदाधिकारी को लिखित में अस्थायी अतिक्रमण की जानकारी उपलब्ध करायें, साथ ही इसकी सूची थाना प्रभारी को भी दें. इसके बावजूद भी सड़क को अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई नहीं होती है, तो इस पर नगर परिषद एवं थाना प्रभारी प्रथम दृष्टया जिम्मेदार होंगे.

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By Sanjay

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