गोवंश संरक्षण में गढ़वा को आदर्श जिला बनाने का होगा प्रयास : एसडीएम

कॉफी विद एसडीएम में गौशाला संचालन, कांजी हाउस तथा गव्य विकास से जुड़े मुद्दों पर हुआ मंथन

कॉफी विद एसडीएम में गौशाला संचालन, कांजी हाउस तथा गव्य विकास से जुड़े मुद्दों पर हुआ मंथन प्रतिनिधि, गढ़वा गढ़वा. अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने गुरुवार को अपने साप्ताहिक संवाद कार्यक्रम कॉफी विद एसडीएम में गोपालकों और गौशाला समितियों के साथ बैठक की. इस दौरान एसडीएम ने कहा कि गोवंश संरक्षण के क्षेत्र में गढ़वा को आदर्श जिला बनाने के लिए होगा प्रयास किया जायेगा. बैठक में गौशाला संचालन, अनाथ गोवंश, पंजीकरण, पशु संरक्षण और पशु तस्करी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक में श्रीकृष्ण गौशाला समिति के अध्यक्ष विनोद पाठक ने बताया कि यह गौशाला अविभाजित बिहार काल से संचालित है. समिति की संरचना में कई बार बदलाव होने के कारण अब नया पंजीकरण शुरू किया गया है, ताकि इसे झारखंड सरकार से मान्यता और अनुदान मिल सके. समिति ने दावा किया कि गौशाला के नाम पर 20 एकड़ भूमि दर्ज है, जिसमें 8.50 एकड़ सोनपुरवा और 11.50 एकड़ चेतना गांव में है. सोनपुरवा बस स्टैंड के पास स्थित भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत करते हुए समिति ने एसडीएम से इसे मुक्त कराने की मांग की. इस दौरान विनोद पाठक, घनश्याम प्रसाद, रमेश कुमार दीपक, लकी मधेशिया, राजन ठाकुर, नैतिक कश्यप, नवलेश धर दुबे, प्रवीण जायसवाल, अनिल सोनी, मनोज पटनायक, अजय कुमार तिवारी, कन्हैया प्रसाद सिंह, मृत्युंजय कुमार शौण्डिक, मंतोष दास, धनंजय चौधरी, अरविंद चौधरी, प्रमोद कुमार तिवारी, आनंद कुमार, राम कुमार यादव, चंद्रेश कुमार, शंकर माली, सुधाकर द्विवेदी, शुभम चौबे, अभिषेक झा, शुभम केसरी, करण चंद्रवंशी, श्रीराम कुमार आदि ने विचार रखे. ……… लावारिस गोवंश की टैगिंग का निर्देश एसडीएम ने पशुपालन विभाग और नगर निकायों को निर्देश दिया कि शहरी क्षेत्रों में पालतू और लावारिस गोवंश की टैगिंग की जाये. साथ ही, कांजी हाउस (पशु शरण गृह) स्थापित करने की दिशा में पहल की जायेगी. ……… गोपालकों से अपील बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने अपील की कि दूध देना बंद कर चुकी गायों को सड़कों पर न छोड़ा जाये. इसे सामाजिक और धार्मिक दृष्टिकोण से गलत बताया गया. इस विषय पर जागरूकता अभियान चलाने पर भी सहमति बनी. ………. पॉलीथीन में खाद्य पदार्थ न फेंके प्रतिभागियों ने सुझाव दिया कि नगर स्तर पर अभियान चलाया जाये कि लोग सब्जी-फल के छिलके, बचे हुए खाद्य पदार्थ आदि पॉलीथीन में बंद करके सड़क पर न फेंकें. कई बार पशु इन पॉलीथीन को खा लेते हैं जिससे उन्हें गंभीर बीमारियां हो जाती हैं और कई मामलों में उनकी मौत भी हो जाती है. …………… पशु तस्करी रोकने का संकल्प बैठक में यह भी संकल्प लिया गया कि यदि कहीं से अवैध रूप से रात के समय ट्रकों के माध्यम से गोवंशीय पशुओं की ढुलाई होती दिखाई दे तो लोग इसकी सूचना संबंधित थाना प्रभारी या सीधे एसडीएम को देंगे. ……….. नगर परिषद और गौशाला समिति के समझौता पर हो अमल श्रीकृष्ण गौशाला समिति के सचिव ने बताया कि पूर्व में नगर परिषद और समिति के बीच समझौता हुआ था जिसके तहत परिषद से निर्धारित राशि नियमित अंतराल पर गौशाला को मिलनी थी. लेकिन यह समझौता धरातल पर लागू नहीं हो पाया. यदि इसे क्रियान्वित किया जाए तो समिति को वित्तीय संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा. ……… गौशाला के वित्तीय संकट पर चिंता गौशाला के सदस्यों ने बताया कि संसाधनों की कमी के कारण वे लावारिस, घायल और अनाथ पशुओं को समुचित रूप से नहीं रख पा रहे हैं. इस पर जिला गव्य विकास पदाधिकारी एवं पशुपालन पदाधिकारी ने कहा कि यदि समिति नियमानुसार झारखंड सरकार से निबंधन करवा ले तो उन्हें अनुदान मिलेगा जिससे गौशाला संचालन के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध हो सकेगी. …… गोकुल ग्राम योजना पर चर्चा बैठक में नवलेश धर दुबे ने बताया कि वर्ष 2005 में अचला नवाडीह में गोकुल ग्राम योजना के तहत ढाई एकड़ भूमि आवंटित हुई थी लेकिन अब तक यह योजना धरातल पर नहीं उतर पाई है. इस पर एसडीएम ने शीघ्र ही ज़िला पशुपालन पदाधिकारी और गव्य विकास पदाधिकारी के साथ संयुक्त निरीक्षण करने की बात कही. ……….. सुझावों पर होगा अमल एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि गोपालन और गौशालाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी सुझावों पर कार्रवाई की जाएगी और गढ़वा को गोवंश संरक्षण के क्षेत्र में एक आदर्श जिला बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे.

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Published by: Akarsh aniket

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