नीलांबर-पीतांबरपुर. अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में कोटखास राम जानकी ठाकुरबाड़ी परिसर में रविवार को एक दिवसीय पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया. भारतीय संस्कृति ज्ञान प्रकाश परीक्षा में उत्तीर्ण हुए बच्चे को प्रमाण पत्र भी दिया गया. कार्यक्रम शांतिकुंज हरिद्वार से पहुंचे उप जोन समन्वयक सच्चिदानंद तिवारी व जिला समन्वयक उपेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में किया गया. महायज्ञ के दौरान विद्यार्थियों को विद्यारंभ संस्कार कराया गया. शिक्षा और विद्या के वास्तविक अंतर को विस्तारपूर्वक समझाया गया. वक्ताओं ने कहा कि केवल डिग्री प्राप्त करना शिक्षा नहीं,बल्कि संस्कार युक्त व्यक्तित्व का निर्माण ही सच्ची विद्या है. इस अवसर पर व्यक्तित्व विकास,नैतिक मूल्यों एवं जीवन में संस्कारों की महत्ता पर भी प्रकाश डाला गया. साथ ही प्रखंड समन्वय समिति का पुनर्गठन किया गया. शाम पांच बजे आयोजित दीप महायज्ञ में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर बुराइयों को त्यागने और सद्गुणों को अपनाने का संकल्प लिया. मौके पर अवध किशोर राय,बालकेश पासवान,मंदिर समिति अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण,नीरज प्रसाद,ओम प्रकाश,संदीप प्रसाद,जयराम तिवारी,गायत्री परिवार के देवेंद्र वर्मा,सरिता मेहता,जया देवी,बजरंगी मेहता,मुख्य पुजारी सुभाष मिश्रा,भोलू मिश्रा मौजूद थे.
मानव में व्यक्तित्व निर्माण होना सर्वोपरि है : सच्चिदानंद
मानव में व्यक्तित्व निर्माण होना सर्वोपरि है : सच्चिदानंद
