अपनी सक्रियता से दूसरों को भी कर रहे प्रेरित राजकमल तिवारी, गढ़वा आमतौर पर यह देखा जाता है कि लोग रिटायरमेंट के बाद यह मान कर चलते हैं कि अब वह सामाज के दात्यिव से मुक्त चुके हैं. हालांकि कई ऐसे लोग भी हैं, जो अपनी सक्रियता के बदौलत न सिर्फ इस धारणा को बदल रहे हैं, बल्कि समाज के समक्ष उदाहरण प्रस्तुत कर दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित भी कर रहे हैं. सेकेंड इनिंग में चर्चा गढ़वा के तीन ऐसे व्यक्ति की जो अपनी सक्रियता के बल पर उम्र को मात सामाजिक कार्य में जुटे हैं. साहित्य सृजन के काम में लगे हुए हैं राजमणि राज गढ़वा के राजमणि राज अखिल भारतीय कमलापुरी वैश्य प्रादेशिक सभा के झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष हैं. लायंस क्लब और रेडक्रास सोसायटी के साथ भी वह पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से जुड़े हुए हैं. राजमणि राज की साहित्य सृजन में गहरी रूचि है और वह इसमें सक्रियता के साथ जुटे हुए हैं. वह साहित्यिक संस्था सृजन साहित्यिक मंच में उपाध्यक्ष के पद पर पिछले 20 वर्षों से काम कर रहे है. दूसरे साहित्यकारों के साथ मिलकर उन्होंने दो पुस्तक भी लिखा है, जिसमें एक गजल की किताब है. वहीं दूसरे पुस्तक का नाम दोहा कलश है. गजल की किताब में उनके पांच गजल हैं, जबकि दोहा कलश में 30 दोहे हैं. उन्होंने बताया कि साहित्यिक विधा में कविता, दोहा मुक्तक आदि उनका पसंदीदा विषय है. राजमणि राज का मानना हैं कि जीवन में सक्रिय रहना ही जीवन का उद्देश्य होना चाहिए. पीएम गुुप्ता ने सेवा को बनाया जीवन का लक्ष्य गढ़वा बाजार निवासी प्रेम नारायण गुप्ता (पीएन गुप्ता) ने सेवा को ही अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया है. बिना किसी प्रचार के वह जरूरतमंदों की सेवा करते हैं. उन्होंने बताया कि उन्हें अपने परिवार से ही सेवा का संस्कार मिला. गरीब जरूरतमंदों की सेवा कर उन्हें आत्मिक संतोष मिलता है. पीएम गुप्ता एयर फोर्स में तकनीकी विभाग में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे. वर्ष 2001 में सेवानिवृत्ति के बाद जब वह घर लौटे तो सेवा कार्य को आगे बढ़ाने के लिए रोटरी क्लब से जुड़े. उन्होंने कहा कि ईश्वर ने यदि आपको सामर्थ्य दिया है, तो उसे सेवा कार्य में जरूर लगायें. पीएन गुप्ता के बड़े पुत्र निशिथ कुमार वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं और वह भी वहीं से अपने पिता के साथ सेवा के कार्य में सक्रिया हैं. रिटारमेंट के बाद शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े विजय नारायण गोदरमा गांव निवासी विजय नारायण पांडेय झारखंड बिजली बोर्ड के चेयरमैन रह चुके हैं. रिटायरमेंट के बाद वह अब शिक्षा के क्षेत्र में सक्रियता के साथ लगे हुए हैं. भविष्य में उनका लक्ष्य सनातन ग्लोबल यूर्निवसिटी खोलने का हैं, जिसमें आयुर्वेद से जुड़ी पढ़ाई होगी. फिलहाल वह सनातन विद्या निकेतन के माध्यम से नर्सरी से लेकर बीएड तक की पढ़ाई करा रहे हैं. उन्होंने कहा कि समाज को बदलने के लिए सक्रियता के साथ कार्य जरूरी है. समाज की अपेक्षा पर खरा उतरना ही हमारा लक्ष्य होना चाहिए.
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