ओवरलोड गिट्टी ट्रकों और हाइवाओं ने जाम की समस्या की आम आशुतोष कुमार, बिशुनपुरा प्रखंड मुख्यालय में इन दिनों भारी मालवाहक वाहनों के अनियंत्रित परिचालन ने आम जनजीवन को पूरी तरह पटरी से उतार दिया है. गिट्टी लदे दर्जनों ट्रकों और हाइवा के कारण मुख्यालय की सड़कों पर प्रतिदिन घंटों महाजाम लग रहा है. विडंबना यह है कि इस गंभीर समस्या पर प्रशासनिक स्तर से कोई ठोस पहल नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है. जानकारी के अनुसार, मझिआंव की ओर से आने वाले ओवरलोड गिट्टी लदे वाहनों की वजह से बिशुनपुरा मुख्यालय के संध्या मोड़ से लेकर गांधी चौक तक सड़क के दोनों ओर लंबी कतारें लग जाती हैं. पहले 10 मिनट में तय होने वाली दूरी अब घंटों में पूरी होती है. सड़क किनारे रहने वाले ग्रामीण और स्थानीय व्यवसायी घर से निकलने में भी मुश्किल का सामना कर रहे हैं. इस जाम का सबसे बुरा असर बीमार लोगों और स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है. आपातकालीन स्थिति में मरीजों को इलाज के लिए गढ़वा या मझिआंव ले जाने के दौरान एंबुलेंस और निजी वाहन घंटों फंसे रहते हैं. वहीं, समय पर स्कूल न पहुंच पाने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. सरकारी और निजी संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को भी दफ्तर पहुंचने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. क्षेत्र में ओवलोड वाहनों की संख्या में वृद्धि स्थानीय लोगों का आरोप है कि मझिआंव क्षेत्र से आने वाले ओवरलोड वाहनों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है. प्रतिदिन सैकड़ों भारी वाहन इस मुख्य मार्ग से गुजरते हैं, जिससे जाम तो लग रहा है, सड़कों की हालत भी जर्जर हो रही है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भारी वाहनों के परिचालन समय को निर्धारित किया जाए और ओवरलोडिंग पर सख्ती से रोक लगाई जाए, ताकि आम जनता को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके.
बिशुनपुरा मुख्यालय में रोजाना महाजाम
ओवरलोड गिट्टी ट्रकों और हाइवाओं ने जाम की समस्या की आम
