गढ़वा. जिले में टीबी मरीजों के खोज अभियान को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गढ़वा के सभागार में सोमवार को एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें सहिया एवं सुपरवाइजर को प्रशिक्षण दिया गया. मौके पर प्रशिक्षक के रूप में सीएचसी गढ़वा के एमओआइसी डॉ संजय कुमार सिंह एवं जिला यक्ष्मा प्रभाग के वरीय पर्यवेक्षक भी उपस्थित थे. प्रशिक्षकाें ने कहा कि जिले में 19 मार्च से टीबी का सक्रिय खोज अभियान शुरु होगा, जो 31 मार्च तक संचालित होगा. इसके तहत सहिया की टीम घर-घर जाकर टीबी के संभावित मरीजों की खोज करेगी तथा टीबी के लक्षण वाले मरीजों का प्रयोगशाला में जांच करायेगी. किसी मरीज के धनात्मक पाये जाने पर उनका इलाज शुरु होगा. उन्होंने कहा कि जिले में सीएचसी स्तर पर जनसंख्या को लक्षित करते हुए यह कार्यक्रम शुरु किया जायेगा. टीबी उन्मूलन का लक्ष्य हासिल करने के लिए यह अभियान मिल का पत्थर साबित होगा. उन्होंने अपील करते हुए कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी लोग अपना योगदान दें. टीबी अब लाइलाज नहीं : कहा गया कि अब टीबी कोई लाइलाज बीमारी नहीं है. प्रत्येक सीएचसी स्तर पर इसकी जांच एवं मुफ्त दवा की सुविधा उपलब्ध है. साथ ही इलाज के क्रम में उनको डीबीटी के माध्यम से बैंक खाते में 1000 रुपये प्रति माह पोषाहार के लिए दिये जाते हैं.
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