प्रतिनिधि, गढ़वा गढ़वा जिला प्रशासन ने सामाजिक कुरीतियों के विरोध में बुधवार को बाल विवाह मुक्ति रथ का शुभारंभ किया. समाहरणालय परिसर से उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने हरी झंडी दिखाकर रथ को रवाना किया. यह अभियान लोहरदगा ग्राम स्वराज्य संस्थान और एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन के संयुक्त तत्वावधान में चलाया जा रहा है. कार्यक्रम के दौरान डीडीसी पशुपतिनाथ मिश्रा, अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश समेत अन्य आला अधिकारियों ने हस्ताक्षर कर बाल विवाह के विरुद्ध अपनी प्रतिबद्धता जतायी. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन इस कुप्रथा को जड़ से मिटाने के लिए हर संभव कदम उठायेगा. मौके पर डीडीसी ने कहा कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक बुराई है, बल्कि यह एक गंभीर और दंडनीय अपराध भी है. उन्होंने कहा कि शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता के जरिए ही इस कुप्रथा पर अंकुश लगाया जा सकता है. उन्होंने जिले के हर नागरिक से इस मुहिम का हिस्सा बनने की अपील की, ताकि ””बाल विवाह मुक्त गढ़वा”” के संकल्प को पूरा किया जा सके. बताया गया कि इस जागरूकता रथ का भ्रमण जिले के सभी प्रखंडों, थानों, पंचायत सचिवालयों और प्रमुख हाट-बाजारों कराया जायेगा. अभियान के तहत लोगों को बाल विवाह के कानूनी और शारीरिक दुष्परिणामों की जानकारी दी जायेगी. मौके पर जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंकज कुमार गिरी, जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन के दीपक कुमार पाठक सहित बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन के कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित थे.
बाल विवाह सामाजिक बुराई व गंभीर दंडनीय अपराध: डीडीसी
बाल विवाह सामाजिक बुराई व गंभीर दंडनीय अपराध: डीडीसी
