Garhwa: बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय में बीएससी ऑनर्स कृषि की पढ़ाई शुरू

गढ़वा के बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय में बीएससी (ऑनर्स) कृषि की पढ़ाई शुरू हो गई है. तकनीकी विकास के साथ कृषि में बढ़ रहे अवसरों पर कुलपति डॉ. एमके सिंह ने प्रकाश डाला. जानिए कैसे यह कोर्स आपके भविष्य को उज्ज्वल बना सकता है.

गढ़वा. बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय, फरठिया, गढ़वा में बुधवार से बीएससी (ऑनर्स) कृषि की पढ़ाई शुरू हो गयी. इस अवसर पर दीक्षारम्भ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में कुलाधिपति दिनेश सिंह ने कहा कि कृषि ही जीवन का मूल आधार है और इसके विकास के बिना ग्रामीण समाज का विकास संभव नहीं है. उन्होंने छात्र-छात्राओं को लगन और कड़ी मेहनत के साथ पढ़ाई कर भविष्य में अच्छे प्रोफेशनल बनने के लिए प्रेरित किया. साथ ही अच्छा आचरण रखने और समाज के प्रति संवेदनशील बने रहने की सलाह दी.

तकनीकी विकास से कृषि में बढ़ रहे अवसर

कुलपति डॉ. एमके सिंह ने कहा कि तकनीकी विकास के कारण कृषि में भी गुणात्मक विकास देखने को मिल रहा है. अब कृषि के विकास में ड्रोन, सेंसर और डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसी तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है. इससे भविष्य में स्किल्ड एग्रीकल्चरल ग्रेजुएट की मांग बढ़ने वाली है.

कुशल कृषि ग्रेजुएट के लिए सुविधाएं उपलब्ध

कृषि एवं वानिकी संकाय के डीन डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि सफल कृषि ग्रेजुएट बनने के लिए विश्वविद्यालय में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं. पेशेवर शिक्षक, कृषि से संबंधित आवश्यक पुस्तकें, डिजिटल क्लासरूम, प्रयोगशाला, प्रायोगिक प्रक्षेत्र और विभिन्न प्रकार की इकाइयां जैसे डेयरी, फिशरी, वर्मी कंपोस्ट आदि यहां उपलब्ध हैं. इन सुविधाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को कुशल एग्रीकल्चर ग्रेजुएट बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है.

विद्यार्थियों को किया गया संबोधित

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉ. गोकुल आचार्य जी, डीन एकेडमिक प्रोफेसर दिनेश कुमार गौतम, एजुकेशन फैकल्टी की डीन डॉ. सुनीता गुप्ता और विधि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रंगनाथ सिंह ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया. कृषि संकाय के प्रोफेसर डॉ. अजय कुमार द्विवेदी ने धन्यवाद ज्ञापन किया.

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लेखक के बारे में

By पियूष तिवारी

पियूष तिवारी गढ़वा जिले में सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. ढाई दशक से भी अधिक के इस सुदीर्घ अनुभव में उन्होंने खोजी पत्रकारिता को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया है. पेचीदा प्रशासनिक मामलों का तथ्यपरक विश्लेषण करना और छिपी हुई खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ सामने लाना उनकी कार्यशैली की मुख्य पहचान है.

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