फरवरी 2024 में भारत सरकार के खनन मंत्रालय ने नीलामी प्रक्रिया शुरू की थी
विजय सिंह, भवनाथपुरगढ़वा जिले के भवनाथपुर प्रखंड के चपरी पंचायत स्थित मुसकैनी पहाड़ी पर बड़े पैमाने पर पोटाश का भंडार मिलने के बाद फरवरी 2024 में भारत सरकार के खनन मंत्रालय ने नीलामी प्रक्रिया शुरू की थी. इससे क्षेत्र के लोगों में औद्योगिक विकास और रोजगार की नयी उम्मीद जगी थी. लेकिन लोकसभा चुनाव के बाद यह प्रक्रिया ठप पड़ गयी, जिससे स्थानीय लोगों में गहरी मायूसी है. भवनाथपुर कभी पलामू प्रमंडल की औद्योगिक नगरी के रूप में जाना जाता था, पर 1990 में सेल का क्रशिंग प्लांट, 2014 में घाघरा चूना पत्थर खदान, 2020 में तुलसीदामर डोलोमाइट खदान की बंदी और 2025 में क्रशिंग प्लांट की नीलामी ने क्षेत्र को पूरी तरह वीरान कर दिया. ऐसे में पोटाश खनन की घोषणा ने उम्मीद जगायी थी कि यहां फिर से औद्योगिक गतिविधियां शुरू होगी और युवाओं को रोजगार मिलेगा. केंद्रीय खनन मंत्रालय ने 29 नवंबर 2023 को देशभर में 19 खनिज ब्लॉकों की नीलामी के लिए निविदा जारी की थी, जिसमें मुसकैनीया गड़ेरिया डीह टोला बरवारी पोटाश ब्लॉक भी शामिल था. इसके तहत 513.63 एकड़ भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित था, जिसमें 116 एकड़ क्षेत्र में खनन की योजना थी. जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने 2017-18 में यहां विस्तृत सर्वेक्षण किया था.जनता को दिग्भ्रमित करने का किया गया प्रयास : सुशील चौबे
इंटक नेता सुशील कुमार चौबे ने कहा कि मुसकैनी पहाड़ी की निविदा जनता को दिग्भ्रमित करने के लिए निकाली गयी थी. भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई और केवल चुनाव से पूर्व जनता को लुभाने का काम किया गया. उन्होंने कहा कि यह जनता के साथ धोखा है.खनिज संपदा होने के बावजूद भी क्षेत्र बेरोजगारी : धीरेंद्र सिंह
सामाजिक कार्यकर्ता धीरेंद्र सिंह ने कहा कि भवनाथपुर में खनिज संपदा की कोई कमी नहीं है, लेकिन युवाओं को रोजगार के लिए बाहर जाना पड़ता है. जनप्रतिनिधि सिर्फ जनता को ठगने व राजनीतिक हित देखने में लगे है. खनिज संपदा होने के बावजूद क्षेत्र बेरोजगारी काफी दुखद है.उद्योग-धंधे बंद होने से ठप हो गया क्षेत्र का विकास : प्रदीप चौबे
भाजपा नेता प्रदीप कुमार चौबे ने कहा कि भवनाथपुर में उद्योग-धंधे बंद होने से विकास ठप हो गया है. यदि मुसकैनी पहाड़ी पर खनन कार्य शुरू हो जाता है तो स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. लेकिन राज्य सरकार व खनन मंत्रालय की उदासीनता से जनता निराश है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
