झारखंड की राजनीति का महत्वपूर्ण नक्षत्र अस्त हो गया : परेश तिवारी

झारखंड की राजनीति का महत्वपूर्ण नक्षत्र अस्त हो गया : परेश तिवारी

संवाददाता, रांची

जीपी गढ़वा सह पूर्व केंद्रीय सदस्य, झामुमो परेश कुमार तिवारी ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि आज मैंने अपना अभिभावक और पथ प्रदर्शक खो दिया. दिशोम गुरु बाबा शिबू सोरेन के निधन की खबर से बेहद दुखी और असहाय सा महसूस कर रहा हूं. लेकिन, उनकी ऊर्जा और उनका तेज आज भी झारखंड के कण-कण में महसूस हो रही है. उन्होंने झारखंड के गरीब-गुरबों, दबे-कुचलों और असहायों के हक-अधिकार की जो संघर्ष शुरू किया था, वह उनके जाने के बाद भी उनके नाम से जिंदा रहेगा. दिशोम गुरु नहीं होते, तो अलग झारखंड राज्य का सपना कभी पूरा नहीं होता. उन्होंने न सिर्फ झारखंड को उसका हक दिलाया, बल्कि यहां के हजारों-लाखों युवाओं को अपने अधिकार के लिए लड़ने की प्रेरणा दी. बचपन से उनके बारे में सुना, युवा हुआ तो उनके आदर्श और संघर्ष की कहानियां सुनकर उनकी ओर आकर्षित हुआ. मैं 1986-87 से पहली बार उनसे मिला था. उनके कार्यों से इतना प्रभावित हुआ कि उनका ही हो गया. आज भी उनके दिखाये रास्ते पर चलने की कोशिश करता हूं. दिशोम गुरु के चले जाना राष्ट्रीय राजनीति में जनजातीय प्रतिनिधित्व के सबसे महत्वपूर्ण नक्षत्र का अस्त होने जैसा है. उनकी कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता. ईश्वर से प्रार्थना है कि ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें.

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By Akarsh Aniket

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