खरौंधी. खरौंधी में पांच दिवसीय मां देवी प्राण प्रतिष्ठा व शतचंडी महायज्ञ के चौथे दिन आस्था और श्रद्धा का विराट दृश्य देखने को मिला. गुरुवार को मां देवी की प्रतिमा को पुराने मंदिर से नये मंदिर में स्थापित किया गया. जैसे ही प्रतिमा मंदिर परिसर में पहुंची, पूरा इलाका मां देवी के जयकारों से गूंज उठ. इस अवसर पर आयोजित यज्ञ में बाल व्यास सह रामचंद्राचार्य जी महाराज ने अपने प्रवचन में भगवान श्रीराम के वनवास काल की समाप्ति और अयोध्या लौटने के मार्मिक प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया. प्रवचन सुनने के लिए यज्ञ पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भगवान राम की कथा सुनकर भावविभोर हो उठे. प्रवचन के दौरान बाल व्यास ने कहा कि भगवान राम का जीवन त्याग, धर्म और मर्यादा का प्रतीक है. मौके यज्ञ समिति के अध्यक्ष धर्मेंद्र पासवान, उपेंद्र दास, रमेश जायसवाल, कृष्णा प्रसाद, कामेश्वर पासवान, पंकज कुमार, क्लामुदीन अंसारी, खुर्शीद आलम, जितेंद्र बैठा, राममूरत बैठा, बुधनाथ गुप्ता, बबलू चंद्रवंशी सहित बाहर से आए कई विद्वान पंडित और सैकड़ों स्थानीय श्रद्धालु उपस्थित थे.
जयकारों के बीच मां देवी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा हुई
जयकारों के बीच मां देवी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा हुई
