गढ़वा. सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने सोमवार को क्षेत्र भ्रमण के दौरान रेहला रोड स्थित एक लंबे समय से संचालित बूंदी लड्डू कारखाने में औचक छापेमारी की. जांच के दौरान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आयीं, जिससे लोगों की सेहत को गंभीर खतरा था. प्राथमिक जांच में पता चला कि कारखाने में शुद्ध बेसन का एक दाना भी मौजूद नहीं था, जबकि बाजार में इसे बेसन का नाम देकर बेचा जा रहा था. कारखाना संचालक ने खुद स्वीकार किया कि वह बाजार समिति से लगभग 40 रुपये प्रति किलो के तथाकथित गुलकंद “बेसन” का उपयोग करता है, जिसमें खेसारी दाल, घटिया मैदा और अरवा चावल का आटा मिश्रित रहता है. पीला रंग डालकर इसे बेसन का रूप दिया जा रहा था. मौके से भारी मात्रा में तैयार बूंदी और दो बोरी घटिया मैदा जब्त की गयी. एसडीएम के निर्देश पर बाजार समिति की दो थोक दुकानों में भी जांच की गयी और प्रशासन मिलावटी आटे की सप्लाई चेन और इसमें शामिल व्यापारियों का पता लगाने में जुटा है. एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि आरोपी पूर्व में भी नकली मिठाई बेचने के आरोप में कार्रवाई झेल चुका है और अब उसे आदतन अपराधी घोषित कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जा रही है. आरोपी पूरे परिवार के साथ अवैध धंधा चला रहा था, जबकि गरीबी का यह कोई औचित्य नहीं है कि आम जनता की सेहत खतरे में डाली जाये. प्रशासन ने बताया कि नकली और हानिकारक लड्डुओं की सप्लाई गढ़वा बस स्टैंड, होटल, मेन बाजार और ग्रामीण इलाकों तक की जा रही थी. खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले किसी भी सिंडिकेट को बख्शा नहीं जाएगा और यह अभियान निरंतर जारी रहेगा.
बूंदी लड्डू कारखाने मेंमिलावट का खुलासा
बूंदी लड्डू कारखाने मेंमिलावट का खुलासा
