गढ़वा से अविनाश कुमार की रिपोर्ट
Garhwa Crime News, गढ़वा : गढ़वा जिला मुख्यालय के सोनपुरवा भट्टी मोहल्ला में प्रशासन ने अवैध रूप से घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों के भंडारण और उसकी संभावित कालाबाजारी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. उपायुक्त (DC) अनन्य मित्तल को मिली सटीक गुप्त सूचना के आधार पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) संजय कुमार ने पुलिस बल के साथ संयुक्त रूप से छापेमारी की. इस दौरान एक अर्धनिर्मित भवन से अवैध रूप से रखे गए इंडेन कंपनी के 13 भरे हुए गैस सिलेंडर बरामद किए गए हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस परिसर को पूरी तरह सील कर दिया है.
छापेमारी में मिले गैस चूल्हे और मरम्मत के उपकरण
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर जब सोनपुरवा भट्टी मोहल्ला स्थित अर्धनिर्मित भवन में अचानक दबिश दी गई, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था. परिसर के भीतर न केवल भारी मात्रा में अवैध रूप से रिफिल किए गए गैस सिलेंडर छिपाकर रखे गए थे, बल्कि वहां बड़ी संख्या में नए-पुराने गैस चूल्हे और चूल्हा मरम्मत से जुड़े कई तरह के उपकरण भी पाए गए. इससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि इस स्थान का उपयोग अवैध रिफिलिंग या अवैध रूप से ऊंचे दामों पर गैस बेचने के लिए किया जा रहा था.
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एजेंसी संचालक खुद को बता रहा था डिलीवरी मैन
छापेमारी के दौरान मौके पर मौजूद जयकृष्ण नामक एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो वह सिलेंडरों के वैध दस्तावेजों के संबंध में कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका. खुद को बचाने के लिए उसने दावा किया कि वह स्थानीय इंडेन गैस एजेंसी का अधिकृत डिलीवरी मैन है और ये सिलेंडर उसी के हैं. मामला संदिग्ध लगने पर एसडीएम संजय कुमार ने बिना देर किए मौके से ही संबंधित इंडेन गैस एजेंसी के संचालक को फोन लगाया. एजेंसी संचालक ने जयकृष्ण के इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि उक्त व्यक्ति उनकी एजेंसी का डिलीवरी मैन नहीं है और न ही एजेंसी द्वारा उसे ये सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं. गैस एजेंसी की ओर से इस बात की पुष्टि होते ही जयकृष्ण का झूठ पकड़ा गया और कालाबाजारी का मामला पूरी तरह साफ हो गया.
गैस एजेंसी को सौंपा जिम्मेनामा
प्रशासन ने अवैध रूप से स्टॉक किए गए सभी 13 इंडेन सिलेंडरों को जब्त कर लिया है. जब्त सिलेंडरों को आगे की जांच, सत्यापन और सुरक्षित अभिरक्षा के लिए संबंधित गैस एजेंसी को जिम्मेनामा सौंप दिया गया है. एसडीएम ने बताया कि यह पूरी तरह से आवश्यक वस्तु अधिनियम के उल्लंघन और अवैध भंडारण का मामला है. इस वजह से प्रशासन ने न केवल अवैध रूप से गैस का स्टॉक करने वाले मुख्य आरोपी जयकृष्ण, बल्कि उस अर्धनिर्मित भवन के मालिक के खिलाफ भी सुसंगत धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई और प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस सफल छापेमारी अभियान में एसडीएम संजय कुमार के साथ गढ़वा थाने के पुलिस उप निरीक्षक अविनाश कुमार और जिला पुलिस बल के जवान मुख्य रूप से शामिल थे.
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