काव्यानुरागी नवोदित रचनाकारों की पौधशाला : आमोद सिन्हा

नवोदित रचनाकारों के लिए काव्यानुरागी का 12वां आयोजन संपन्न

नवोदित रचनाकारों के लिए काव्यानुरागी का 12वां आयोजन संपन्न प्रतिनिधि, गढ़वा नवोदित रचनाकारों को समर्पित काव्यानुरागी का 12वां आयोजन रविवार को पर्यावरण परिवार के सचिव नितिन तिवारी के हरिप्रिया भवन के प्रांगण में संपन्न हुआ. पंडित हर्ष द्विवेदी कला मंच, नवादा (गढ़वा) के निदेशक नीरज श्रीधर ने कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मासिक कार्यक्रम पिछले दो वर्षों से नवोदित रचनाकारों को उचित मंच प्रदान करने और उनकी रचनात्मकता को परिष्कृत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है. कार्यक्रम में समय-समय पर स्थापित साहित्यकारों का मार्गदर्शन नवोदित रचनाकारों को प्राप्त होता है. कार्यक्रम की शुरूआत भगवान नटराज की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई. मंच पर प्रस्तुत रचनाओं में शिक्षक धर्मेन्द्र कुमार ने सड़क सुरक्षा पर स्वरचित कविता, सौरभ कुमार तिवारी ने हिन्दी भाषा की महिमा पर कविता “हिन्दी हमारी शान है” प्रस्तुत की. संध्या सुमन और शुभम श्याम ने समस्याओं का हल सुझाती कविताएं पाठ की. पुलिस सेवा से सेवानिवृत श्रवण शुक्ला ने व्यंग्य रचना “सूरज की व्याह प्रस्तुत कर समर्पित माहौल बनाया. शिक्षक अद्भुत प्रभात ने वर्तमान व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर केंद्रित व्यंग्य प्रस्तुत किया, जिसे सभी ने सराहा. काव्यानुरागी के संयोजक प्रमोद कुमार ने भोजपुरी रचना “कलयुग आवत बाटे, सुनलीं कल्कि के अवतार में…”प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया. नीरज मलिक ने दशहरा पर रावण दहन को लक्ष्य करते हुए अंतस की बुराइयों को जलाने की प्रेरणा देती कविता का पाठ किया. अधिवक्ता आमोद कुमार सिन्हा ने कहा कि कार्यक्रम नवोदित रचनाकारों की पौधशाला है, जहां विविध प्रकार के काव्य पुष्प खिलते हैं और युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान किया जाता है.

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By Akarsh Aniket

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