कांडी : प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सतबहिनी झरना तीर्थ में आदर्श विवाह समारोहों का लगातार आयोजन किया जा रहा है. यहां प्रतिदिन एक या एक से अधिक शादियां हो रही हैं. स्थानीय गांवों के साथ-साथ दूरस्थ क्षेत्रों से भी वर व कन्या पक्ष के लोग आदर्श विवाह के आयोजन के लिए सतबहिनी झरना तीर्थ को पहली प्राथमिकता दे रहे हैं.
मां सतबहिनी झरना तीर्थ व पर्यटन स्थल विकास समिति के सचिव पंडित मुरलीधर मिश्र ने कहा कि बिना किसी आडंबर व फिजूलखर्ची के सतबहिनी में विवाह संपन्न हो रहे हैं. सतबहिनी भगवती के साथ साथ नौ देवशक्तियों की साक्षी में पवित्र गंठबंधन को लोग हृदय से स्वीकार कर रहे हैं. इस दौरान सुंदर प्रवचन मंच को सजाकर जयमाला की रस्म अदा की जाती है, जबकि नवीन यज्ञ मंडप, सूर्य मंदिर, सतबहिनी माई के मंदिर, शिव मंदिर व बजरंगबली मंदिर परिसर में समस्त कर्मकांडों के साथ शुभ विवाह संपन्न होता है.इस दौरान कार्यालय परिसर व भोजनालय में बराती व घराती के लिए भोजन बनाया खाया जाता है.
कन्या व वर पक्ष को तैयारी के लिए कमरा भी उपलब्ध कराया जाता है. सबसे बड़ी बात है कि बिना विशेष खर्च के आदर्श विवाह संपन्न हो जाता है. इस मौके पर अख़ौरी तहले मझिआंव निवासी विष्णु प्रसाद सिन्हा की पुत्री चंदा का मोखापी निवासी अशोक लाल के पुत्र अंकुर सिन्हा, बलियारी कांडी निवासी अनिल दुबे की पुत्री रोली का बकोइया मझिआंव निवासी रामानुज पाठक के पुत्र धीरेंद्र पाठक, जिरहुला झागराखांड़ निवासी विजय वैद्य की पुत्री संयुक्ता का अधौरा कांडी निवासी आदित्य पाठक के पुत्र नीतीश, बड़हिया डीह हुसैनाबाद पलामू निवासी रामगति रजवार की पुत्री अमोला का हुरका केतार निवासी धनु रजवार के पुत्र रामाधार रजवार व कुलिया कजरू खुर्द पांडु निवासी जुगेश्वर पासवान की पुत्री रिंकी का चेचरिया कांडी निवासी सुदेश पासवान के पुत्र शिवशंकर पासवान के साथ आदर्श विवाह संपन्न हुआ.
