गोविंद उवि मैदान के व्यावसायिक इस्तेमाल का मामला
गढ़वा : गोविंद हाई स्कूल मैदान के दानकर्ताओं के वंशजों ने एक प्रेसवार्ता कर मैदान का हो रहे व्यावसायिक इस्तेमाल का विरोध किया है़ बुधवार को सहिजना में प्रेसवार्ता में दानकर्ताओं के वंशजों ने कहा कि 83 वर्ष पूर्व 1934 में उनके पूर्वजों ने स्कूल के बच्चों के खेलकूद के लिये सहिजना के खाता नंबर 186, प्लॉट एक, रकबा 1.02 एकड़ भूमि निबंधित दान पत्र संख्या 254/34 पांच फरवरी 1934 के माध्यम से तत्कालीन स्कूल प्रबंधकारिणी समिति को दान पत्र में उल्लेखित किया गया है कि इस भूमि का उपयोग बच्चों के सांस्कृतिक, सामाजिक विकास एवं खेलकूद के लिये किया जायेगा़ वहीं इस मैदान का उपयोग किसी अन्य काम या व्यावसायिक इस्तेमाल के लिये किया जायेगा, तो उस स्थिति में इस मैदान की भूमि दानकर्ताओं के उत्तराधिकारियों के पास वापस एवं नियंत्रण में आ जायेगी़
प्रेसवार्ता में कहा कि लगभग 25-30 वर्षों से इस मैदान का उपयोग बच्चों के सामाजिक, सांस्कृतिक विकास एवं खेलकूद के लिये नहीं हो रहा है़ न ही मैदान का उचित देखभाल किया जा रहा है़
मैदान को कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है़ वहीं कुछ भूमि पर व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए नगर भवन बना दिया गया है़ साथ ही अस्थायी वाहन पड़ाव भी इसी मैदान में बनाया गया है़ वर्तमान में इस मैदान में झूला, मीना बाजार एवं पुस्तक मेला लगाया गया है़ इसकी वे लोग पूर्ण विरोध व निंदा करते हैं. कहा कि यह कार्य शर्तों का सर्वथा उल्लंघन है़
इसके फलस्वरूप उक्त भूमि को वापस और नियंत्रण में लेने के लिये सर्वसम्मति से न्यायालय में जाने का निर्णय लिया गया है़ इस मामले में डीसी, विद्यालय प्रबंधन समिति व शिक्षा मंत्री को पत्र भेजा गया है़ प्रेसवार्ता में दिनेश्वरी सहाय, उमेश सहाय, सुबोध कुमार वर्मा, शैलेंद्र कुमार वर्मा, परमेंद्र वर्मा, सुचित नारायण लाल, अनिल कुमार सिन्हा, संजीत कुमार सिन्हा, अजीत कुमार सिन्हा, मुकेश कुमार सिन्हा, जयप्रकाश नारायण, सुधीर कुमार वर्मा, विनय कुमार वर्मा, जितेंद्र सिन्हा, प्रो उमेश सहाय आदि उपस्थित थे़
